सुनील बाजपेई
कानपुर।स्मार्ट हलचल।आज यहां गुरुवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद कहा कि प्राकृतिक खेती केवल कृषि पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र का अभियान है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और पेस्टीसाइड के बढ़ते प्रयोग ने धरती की उर्वरा शक्ति को नुकसान पहुंचाया है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाला है।
इसअवसर पर किसानों को सम्मानित करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि, 12 सालों में हमने बदलते भारत को देखा जो बिना रुके थके, चल रहा है। अपने विरासत व विकास को आगे बढ़ा रहा है भारत।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंनेकहा कि प्राकृतिक खेती केवल कृषि पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र का अभियान है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और पेस्टीसाइड के बढ़ते प्रयोग ने धरती की उर्वरा शक्ति को नुकसान पहुंचाया है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाला है।
सीएसए परिसर में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय लोग हैंडपंप और तालाब का पानी पी लेते थे, लेकिन आज किडनी, लीवर और अन्य गंभीर बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके पीछे खानपान और रसायनयुक्त कृषि का प्रभाव भी एक कारण है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था अन्न के नाम पर जहर परोसने का काम नहीं कर सकती, इसलिए प्राकृतिक खेती की ओर लौटना समय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने गोसंरक्षण को प्राकृतिक खेती से जोड़ते हुए कहा कि हम सभी गोमाता की पूजा करते हैं। गोआधारित खेती से गोवंश की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि शार्टकट के रास्ते अपनाने के कारण आज कई समस्याएं सामने आई हैं। यदि किसान गाय को परिवार का हिस्सा बनाएंगे तो खेती भी मजबूत होगी और गोवंश भी सुरक्षित रहेगा। वहीं मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी रहे । इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान भी मौजूद रहे।
