करेड़ा (सुरेश चन्द्र मेघवंशी) रेगर समाज के जैलिया गोत्र के प्रतिनिधियों ने उपखंड अधिकारी करेड़ा को ज्ञापन सौंपकर अपनी कुलदेवी सती माता के प्राचीन धार्मिक स्थल को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कर आवंटित करने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि जैलिया गोत्र की कुलदेवी सती माता का स्थान सरकारी कुएं के समीप स्थित है, जहां पिछले लगभग 800 वर्षों से जैलिया गोत्र के वंशज पूजा-अर्चना, रात्रि जागरण एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते आ रहे हैं। समाज के अनुसार उक्त स्थल पर चारों ओर बाउंड्री वॉल निर्मित है तथा एक सार्वजनिक सराय भी बनी हुई है। परिसर में जैलिया गोत्र के पूर्वजों (झुंझार) की मूर्तियां स्थापित हैं, जिनकी नियमित रूप से पूजा की जाती है।
समाजजनों का कहना है कि यह धार्मिक एवं आस्था का केंद्र होने के बावजूद राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। ऐसे में भविष्य में किसी प्रकार के कानूनी विवाद या प्रशासनिक समस्या से बचने के लिए उक्त भूमि को रेगर समाज के जैलिया गोत्र की कुलदेवी सती माता के नाम से राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन के माध्यम से समाज के लोगों ने प्रशासन से मांग की कि उक्त स्थल को विधिवत राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कर समाज को आवंटित किया जाए, ताकि उनकी धार्मिक परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सके। समाज ने इस संबंध में शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।
इस मौके पर गंगाराम जेलिया ,गीसु जेलिया, कस्तूरचंद , गणपत जेलिया ,कालू लाल, कन्हैया लाल, मुरलीधर सहित समस्त जेलिया गोत्र के रेगर समाज के लोग मौजूद रहे ।
