आवारा सांडों का बढ़ता आतंक: कई लोग घायल, एक बुजुर्ग की जा चुकी जान, फिर भी नहीं चेता प्रशासन

हमीरगढ़ (अल्लाउद्दीन मंसूरी) हमीरगढ़ कस्बे में इन दिनों आवारा सांडों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मुख्य चौराहों, बाजारों और गलियों में सांडों के आपस में लड़ने से राहगीरों, महिलाओं, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
बीते कुछ दिनों में आवारा सांडों की चपेट में आने से 5 से 10 लोग घायल हो चुके हैं। इनमें पैदल चलने वाले और बाइक सवार शामिल हैं। कई लोगों के हाथ-पैरों में चोटें आई हैं, जबकि कई अन्य लोग बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। हमीरगढ़ ग्राम पंचायत के समय एक बुजुर्ग व्यक्ति की आवारा सांड के हमले में मौत हो चुकी है। सांड ने उन्हें अपने सींग से गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसके बाद उनकी जान चली गई। इस दर्दनाक घटना के बाद कुछ माह पूर्व नगर पालिका द्वारा मृतक के परिजनों को सहायता राशि का चेक भी प्रदान किया गया था। इसके बावजूद आज तक आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया हैl कस्बेवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में फिर किसी की जान जा सकती है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि आवारा सांडों को तत्काल आबादी क्षेत्र से हटाकर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए तथा निराश्रित गायों को गौशाला में भेजने की समुचित व्यवस्था की जाए।

स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से जनहित में तत्काल कार्रवाई कर कस्बे को आवारा पशुओं के आतंक से मुक्ति दिलाने की मांग की है।