चारागाह और श्मशान भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

अवैध कब्जे हटाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

चित्तौड़गढ़, 19 जून। स्मार्ट हलचल।गंगरार तहसील की ग्राम पंचायत बोलो का सांवता के अंतर्गत आने वाले ग्राम ऐरा के ग्रामीणों ने चारागाह (गोचर) एवं श्मशान भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव की सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों एवं पशुपालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में बताया गया कि गांव के बाहर नाड़ी की ओर स्थित स्कूल एवं श्मशान घाट के समीप की भूमि राजस्व रिकॉर्ड में चारागाह के रूप में दर्ज है, जिसका उपयोग वर्षों से ग्रामीणों के मवेशियों के चरने के लिए होता रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने इस भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर तारबंदी कर दी है तथा प्लॉट काटकर पक्के निर्माण शुरू कर दिए हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मृत पशुओं को डालने के लिए निर्धारित स्थान पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही श्मशान भूमि के आसपास किए गए कब्जों के कारण अंतिम संस्कार संबंधी व्यवस्थाओं में भी बाधा उत्पन्न होने की बात कही गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी प्रशासन को शिकायतें दी गई थीं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर अवैध कब्जे हटाने तथा सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।

ज्ञापन में चारागाह एवं श्मशान भूमि पर किए गए कथित अवैध निर्माणों को हटाने और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग भी की गई है।