ड्रग फैक्ट्री की जमीन निकली 9 खातेदारों की, अतिक्रमण कर किराए पर दी गई थी जगह; जल्द ढहेगा निर्माण

तीनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने किया मौका निरीक्षण, राजस्व विभाग ने तैयार किया मौका पर्चा

बिजौलिया। चंपापुर गांव की पहाड़ियों के बीच संचालित अवैध एमडी ड्रग फैक्ट्री मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। करोड़ों रुपये की एमडी ड्रग बरामदगी के बाद गिरफ्तार तीनों आरोपियों की निशानदेही पर गुरुवार को जांच अधिकारी एवं बडलियास थाना प्रभारी जसवंत सिंह के नेतृत्व में घटनास्थल का मौका निरीक्षण किया गया। इस दौरान राणा जी का गुढ़ा के गिरदावर संजय पाराशर और पटवारी दिनेश चौधरी ने मौके का निरीक्षण कर मौका पर्चा तैयार किया।

राजस्व जांच में सामने आया कि जिस स्थान पर ड्रग फैक्ट्री संचालित की जा रही थी, वह जमीन गुढ़ा निवासी एक राजपूत परिवार के नौ खातेदारों के नाम दर्ज है, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार खातेदारों को इस गतिविधि और निर्माण के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।

जांच में यह भी सामने आया कि उक्त भूमि पर भंवर बंजारा नामक व्यक्ति ने कथित रूप से अवैध अतिक्रमण कर पक्का निर्माण कर रखा था। इसी निर्माण को उसने ड्रग फैक्ट्री संचालित करने वाले आरोपियों को करीब सात हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर उपलब्ध कराया था। इसी मकान में पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए 36 किलोग्राम एमडी ड्रग्स समेत ड्रग निर्माण में प्रयुक्त भारी मात्रा में केमिकल और उपकरण जब्त किए थे।

गौरतलब है कि चंपापुर गांव की पहाड़ियों और जंगलों के बीच स्थित इस ठिकाने पर आरोपियों ने एमडी ड्रग बनाने का काम शुरू किए महज दो दिन ही हुए थे। पहली खेप बाजार में पहुंचती, उससे पहले ही मुखबिर की सूचना पर बिजौलिया पुलिस ने दबिश देकर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वीरेन्द्र पुत्र हजारीलाल बांछड़ा निवासी मंदसौर, बहादुर सिंह पुत्र गोरू बंजारा निवासी नीमच और बबलू पुत्र श्यामलाल बंजारा निवासी भोपतपुरा को गिरफ्तार किया था, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।

पुलिस द्वारा मौके से 36 किलोग्राम एमडीएमए, 155 लीटर एमएम केमिकल, 30 लीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड तथा 8.50 किलोग्राम कास्टिक सोडा बरामद किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि ड्रग निर्माण प्रक्रिया अंतिम चरण में थी और तैयार माल की सप्लाई की तैयारी चल रही थी।

बडलियास थाना पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपियों से रॉ मैटेरियल के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है। पुलिस को आशंका है कि मामले के तार एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

इधर तहसीलदार ललित डीडवानिया ने बताया कि गिरदावर और पटवारी द्वारा मौका निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की गई है। अवैध अतिक्रमण को लेकर राजस्व विभाग की ओर से राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 177 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। कार्रवाई पूर्ण होने के बाद अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा।