हज यात्रा से वतन लौटे हाजियों का गर्मजोशी से इस्तकबाल, देश में अमन-चैन की मांगी दुआ

हमीरगढ़ (अल्लाउद्दीन मंसूरी) पवित्र मक्का-मदीना की हज यात्रा पूरी कर वतन लौटे मुस्लिम समाज के समाजसेवी हाजी आजाद नीलगर, हाजी शरीफ नीलगर एवं हाजी अय्यूब नीलगर का हमीरगढ़ में मुस्लिम युवा साथियों एवं समाजजनों ने फूल-मालाओं से भव्य स्वागत कर इस्तकबाल किया।
इस अवसर पर हाजियों ने अपने हज यात्रा के अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह आध्यात्मिक यात्रा इंसान को आत्मिक शांति, सुकून और अल्लाह की इबादत के प्रति समर्पण का एहसास कराती है। उन्होंने कहा कि हज के दौरान उन्होंने भारत की एकता, अखंडता, अमन-चैन, साम्प्रदायिक सौहार्द, आपसी भाईचारे तथा समस्त मानवता की खुशहाली के लिए दिल से दुआएं मांगी। हाजियों ने कहा कि हज यात्रा व्यक्ति को अपने जीवन के अच्छे-बुरे कर्मों का आत्ममंथन करने का अवसर देती है तथा इंसान के भीतर सेवा, विनम्रता और इंसानियत की भावना को और अधिक मजबूत करती है।
स्वागत समारोह के दौरान मोहम्मद मुनाजिर, वजीर मोहम्मद, फरीद मंसूरी, इरफ़ान मंसूरी, गुलाम मुस्तफ़ा, मोहम्मद सद्दीक, जाहिद हुसैन, आरिफ, इरफ़ान, उस्मान गनी एवं उपस्थित समाजजनों ने हाजियों को मुबारकबाद देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं मंगलमय जीवन की कामना की। पूरे कार्यक्रम का माहौल भाईचारे, सम्मान और धार्मिक आस्था से सराबोर रहा।