टोंक जिले में योग दिवस की त्रिवेणी: लघु पुष्कर मांडकला, पलाई व दूनी में गूंजा स्वास्थ्य और आध्यात्म का संदेश

—–>12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर टोंक बना योगमय, सामूहिक योगाभ्यास से दिया ‘योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ’ का संदेश।

महेंद्र कुमार सैनी

स्मार्ट हलचल/नगर फोर्ट 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर टोंक जिले के लघु पुष्कर मांडकला, पलाई और दूनी में भव्य योग कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। तीनों स्थानों पर जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, युवाओं और ग्रामीणों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली का संकल्प लिया।
मांडव ऋषि योग आश्रम, मांडकला नगर फोर्ट में कार्यक्रम की शुरुआत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर अमरदास जी महाराज द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। योग भाई गणेश साहू ने मोनी बाबा का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया। शंखनाद और मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में योग गुरु महेन्द्र साहू ने निर्देशन किया, जबकि योगिनी निशा कंवर ने आसन प्रदर्शन कर उपस्थितजनों को योग करवाया। अंत में प्राणायाम व शांति पाठ कराया गया। मोनी बाबा अमरदास जी महाराज ने योग की आध्यात्मिक महिमा बताई, वहीं योग कोच धवन साहू ने आसनों व प्राणायाम के लाभ समझाए। कार्यक्रम में दुर्गा लाल साहू, शम्भु दयाल सैनी, गणेश नामा मुख्य अतिथि रहे। समापन पर नाश्ते व शीतल पेय की व्यवस्था की गई और सहयोगी दल का अभिवादन किया गया। *पलाई कस्बे* में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर और आयुर्वेद औषधालय कार्यालय के नीचे सामूहिक योगाभ्यास हुए। योग प्रशिक्षक और आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. शैलेंद्र सिंह के निर्देशन में ग्रामीणों, युवाओं, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने विभिन्न योगासन व प्राणायाम किए। इस दौरान योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर चर्चा हुई और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में हरिनारायण वर्मा, धर्मराज मीणा, महावीर गुर्जर, अमीन खां, आशाराम मीना, पवन धाकड़, रामकिशन धाकड़, आत्माराम धाकड़, रतनलाल सैनी, इंद्रा शर्मा, सुदेश भारद्वाज सहित कई लोग मौजूद रहे।
*पीएम श्री विद्यालय, दूनी में* तहसील स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन शहरी संकुल शिक्षा अधिकारी कैलाश वर्मा व आयुर्वेद अधिकारी प्रेमराज मीणा के निर्देशन में हुआ। अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, देवली मुख्य अतिथि रहे। योग प्रशिक्षक खुशीराम गुर्जर व दिव्यांशी जैन ने आयुष मंत्रालय के निर्देशानुसार कपालभाति, अनुलोम-विलोम, शीतली प्राणायाम व ध्यान सहित विभिन्न योग क्रियाएं करवाईं। वक्ताओं ने अष्टांग योग व प्राणायाम के सकारात्मक प्रभाव बताते हुए नियमित योग को स्वस्थ जीवन का आधार कहा। संचालन सुरेन्द्र सिंह नरूका व अशोक शर्मा ने किया। इस दौरान अतुल पाराशर, ओमप्रकाश रोझ, पदम अजमेरा, सत्यनारायण तिवारी, रामलक्ष्मण गुप्ता, गणपत सिंह चौहान समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, शिक्षक व छात्र-छात्राएं शामिल हुए। तीनों कार्यक्रमों में एक स्वर में ‘योग को जीवन शैली बनाएं’ का संदेश दिया गया और प्रतिभागियों ने नियमित योग करने का संकल्प लिया।