रणवीर सिंह चौहान
स्मार्ट हलचल/भवानी मंडी|राधेश्याम मंदिर की एक दुकान नीलामी के विवादित प्रकरण में आज ट्रस्ट के पांच सदस्यों की हस्ताक्षर युक्त एक पत्र जारी किया जिसमें अध्यक्ष केके राठी को पदमुक्त पढ़ते हुए कॉपी देवस्थान विभाग कोटा को भी भेजी गई है वहीं ट्रस्ट के अध्यक्ष के के राठी द्वारा इस कार्रवाई को अवैधानिक बताया गया है उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पूर्व स्टेशन रोड पर राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट द्वारा एक दुकान जिसमें किराएदार काबिज थे 65 लख रुपए में नीलाम की गई थी दुकान बिक्री की सूचना के बाद भवानी मंडी कस्बे में दुकान बिक्री का विरोध किया गया था जिसके फल स्वरुप स्थानीय जैन बोर्डिंग में शहर के वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य लोगों की एक बैठक बुलाई गई जिसमें सर्वधर्म हिंदू मंदिर रक्षा समिति का गठन किया गया बैठक के बाद अगले दिन शहर में एक जन आक्रोश रैली का भी आयोजन किया गया उसके बाद उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन दिया जिसमें दुकान नीलामी को गुपचुप तरीके से करने की बात करते हुए दुकान को कम कीमत में बेचने की बात कही गई समिति के सदस्यों तथा अन्य लोगों का कहना है कि इस दुकान की कीमत एक करोड रुपए से ज्यादा है किंतु अध्यक्ष द्वारा मिली भगत करके इसको मात्र 65 लख रुपए में बेचा गया हालांकि ट्रस्ट अध्यक्ष द्वारा उस समय एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर दुकान नीलामी नियम अनुसार करने की बात कही थी इस प्रकरण में जनता में आक्रोश देखा गया था आज सोशल मीडिया के माध्यम से समिति के पदाधिकारी प्रितपाल सिंह ने ट्रस्ट का एक पत्र पत्रकारों को उपलब्ध कराया जिसमें नाम तो सात सदस्यों के थे किंतु हस्ताक्षर पांच सदस्यों के हैं पत्र में ट्रस्ट अध्यक्ष के के. राठी के खिलाफ असंतोष व्यक्त करते हुए उन्हें पदमुक्त करने की बात कही गई अब देखते हैं आगे क्या होता है क्या विभाग इस नीलामी प्रक्रिया को भी निरस्त करता है या कुछ और परिणाम आएंगे दूसरी ओर ट्रस्ट के अध्यक्ष केके राठी ने इस पत्र के बारे में पूछने पर बताया कि उन्हें यह पत्र अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है किंतु यह कार्रवाई अवैधानिक है जब उनको पत्र प्राप्त होगा उसके बाद वह देखेंगे उन्हें क्या निर्णय लेना है
