विश्व मंच पर ‘भारत के योग’ का डंका, न्यूयार्क से शंघाई तक उमड़ा जनसैलाब

शाश्वत तिवारी

नई दिल्ली। स्मार्ट हलचल।दुनिया भर में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाया गया। जहां भारत में मुख्य कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आयोजित हुआ, वहीं सरहदों के पार विदेशों में भी भारतीय संस्कृति की इस अनमोल धरोहर की गूंज सुनाई दी। इस वर्ष यह वैश्विक उत्सव ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ की विशेष थीम पर केंद्रित रहा, जिसने हर उम्र के लोगों को एक्टिव और निरोगी जीवन जीने की राह दिखाई।
विदेश मंत्रालय और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के साझा सहयोग से दुनिया भर में फैले 210 से अधिक भारतीय मिशनों और दूतावासों ने करीब 2,500 से अधिक ऐतिहासिक व सार्वजनिक स्थानों पर भव्य योग शिविरों का आयोजन किया।
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा की उपस्थिति में प्रतिष्ठित लिंकन मेमोरियल पर भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों योग प्रेमियों ने भाग लिया। इस दौरान पारंपरिक आयुर्वेदिक पद्धतियों की जानकारी देने के लिए विशेष ‘आयुर्वेद कॉर्नर’ भी बनाए गए थे। वहीं दूसरी ओर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के सहयोग से दुनिया भर में प्रसिद्ध टाइम्स स्क्वायर पर एक विशाल योग सभा का समन्वय किया गया। जहां सत्र का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग गुरु एच. आर. नागेंद्र ने किया।
अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा आईडीवाई 2026 सिर्फ़ योग तक ही सीमित नहीं था! पारंपरिक वेलनेस तरीकों को दिखाने वाले आयुर्वेद कॉर्नर से लेकर डुपॉन्ट सर्कल, वर्ल्ड बैंक और स्थानीय समुदायों के साथ हुए शुरुआती कार्यक्रमों तक — भारतीय दूतावास ने वॉशिंगटन डी.सी. के हर कोने में योग की भावना को पहुंचाया।
इसके अलावा शंघाई से लेकर टोरंटो तक और अफ्रीका से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक योग की धूम देखने को मिली। चीन के शंघाई में स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा वहां के प्रसिद्ध ‘बंड फाइनेंस सेंटर’ (बीएफसी) में एक विशाल सत्र आयोजित किया गया। कनाडा के टोरंटो में ओंटारियो विधानसभा की ऐतिहासिक इमारत के सामने सामूहिक योग शिविर लगाया गया, जिसमें प्रवासी भारतीयों और विदेशी नागरिकों की भारी मौजूदगी रही। ब्रिटेन के बर्मिंघम स्थित विक्टोरिया स्क्वायर और यूरोप में जर्मनी तथा स्वीडन के दूतावासों ने भी विशाल खुले मैदानों में योग शिविरों के जरिए जन-जन को निरोग रहने का संदेश दिया।
अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स स्थित ओलंपिक पार्क में बड़े स्तर पर योग उत्सव आयोजित हुआ, जहां इस बार पहली बार दिव्यांगजनों के लिए विशेष योग सत्र और भारत के पारंपरिक व्यंजनों व वस्त्रों की प्रदर्शनी लगाई गई।
विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं के अंतर को पाटते हुए संयुक्त राष्ट्र की छह आधिकारिक भाषाओं—अरबी, चीनी, अंग्रेजी, फ्रांसीसी, रूसी और स्पेनिश—में अनुवादित कॉमन योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) के जरिए दुनिया के अलग-अलग कोनों में बैठे लोगों ने एक सुर में योग व प्राणायाम का अभ्यास किया। विदेशी धरती पर उमड़ी यह भीड़ साफ बयां कर रही है कि ‘भारत का योग’ अब केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि दुनिया भर के कार्यस्थलों और जीवनशैली का हिस्सा बनकर एक बड़ा वैश्विक ‘आरोग्य आंदोलन’ बन चुका है।