मुस्लिम समाज ने दिया अल्टीमेटम अगर ये कार्यवाही नहीं रुकी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा
भीलवाड़ा। राजस्थान में अतिक्रमण हटाने के नाम पर की जा रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर मुस्लिम समाज में भारी आक्रोश है। भीलवाड़ा के समस्त आम मुस्लिम समाज ने इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए सूबे के मुख्यमंत्री के नाम एक मेमोरेण्डम (ज्ञापन) जिला कलेक्टर को सौंपा है।मुस्लिम समाज का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन नियमों को ताक पर रखकर एकतरफा और अवैध तरीके से कार्रवाई कर रहा है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
*बिना नोटिस ‘बुलडोजर नीति’, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाने का आरोप*
ज्ञापन में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि सीमावर्ती इलाकों (जैसलमेर, फलौदी, बाड़मेर) और राजधानी जयपुर में मुस्लिम समाज के आजादी से पहले के बने धार्मिक स्थलों, मस्जिदों और मदरसों को जबरन ध्वस्त किया गया है।
*समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि:*
*वक्फ संपत्तियों पर वार:*
जिन संपत्तियों को गिराया गया, वे वक्फ बोर्ड में दर्ज हैं और मुस्लिम समाज की आस्था का मुख्य केंद्र हैं।
*अदालत के आदेश की अवमानना:*
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी ‘अखिल भारतीय अवैध अतिक्रमण गाइडलाइन’ का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
*प्राकृतिक न्याय का मर्डर:*
प्रशासन ने बिना 15 दिन का पूर्व नोटिस दिए और बिना सुनवाई का कोई मौका दिए सीधे बुलडोजर चला दिया। यह पूरी तरह ‘रूल ऑफ लॉ’ का मर्डर है।
*”भावनाएं आहत, सुरक्षा सुनिश्चित करे सरकार”*
भीलवाड़ा मुस्लिम समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन के इस अवैध और असंवैधानिक कृत्य से पूरे प्रदेश के मुस्लिम समाज में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अतिक्रमण के नाम पर हो रहे इस अवैध ध्वस्तीकरण को तुरंत रोका जाए और मुस्लिम समाज की वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि नई दिल्ली स्थित अल्पसंख्यक मंत्रालय को भी भेजी गई है.
*इस ज्ञापन में ये रहें मौजूद*
अल्पसंख्यक कांग्रेस जिला अध्यक्ष हमीद रंगरेज,एडवोकेट फारुख मंसूरी,एडवोकेट वसीम रंगसाज (चांद),एडवोकेट मोहम्मद शाहिद देशवाली,अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश सचिव अली मंसूरी,कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रफीक बिसायती, अल्पसंख्यक कांग्रेस महासचिव इस्तियाक अंसारी आदि कई लोग मौजूद थे।
