साबी नदी में प्रस्तावित सीवरेज प्लांट का कांग्रेस ने किया विरोध

पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बानसूर। स्मार्ट हलचल।क्षेत्र के बानसूर-कोटपुतली सीमा पर साबी नदी क्षेत्र में प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं।बुधवार को पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने कोटपुतली-बहरोड़ जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर परियोजना पर पुनर्विचार करने की मांग की। पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि सरकार द्वारा बानसूर-कोटपुतली सीमा पर साबी नदी के किनारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव है, जबकि साबी नदी क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत है। इसी नदी से बानसूर, कोटपुतली और मुंडावर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जाती है तथा हजारों किसान सिंचाई के लिए भी इस जल पर निर्भर हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि नदी के समीप सीवरेज प्लांट स्थापित किया गया तो जल स्रोत के दूषित होने का खतरा बढ़ जाएगा, जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य और कृषि पर पड़ेगा। उनका कहना था कि साबी नदी के आसपास घनी आबादी वाले कई गांव स्थित हैं, जहां के लोगों को पीने और खेती के लिए दूषित पानी मिलने की आशंका है। रावत ने कहा कि क्षेत्रवासियों की भावनाओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई और परियोजना को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगी। कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर से मामले में उचित कार्रवाई कर जनहित में निर्णय लेने की मांग की है। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंद्राज गुर्जर, पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहें।