दुग्ध समितियों ने मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना में सरलीकरण की मांग उठाई

चित्तौड़गढ़, 24 जून। स्मार्ट हलचल।मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के तहत दुग्ध संकलन संबंधी ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को लेकर दुग्ध उत्पादक समितियों के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर एवं प्रशासक चित्तौड़गढ़ को ज्ञापन सौंपकर योजना में सरलीकरण की मांग की।ज्ञापन में बताया गया कि चित्तौड़गढ़-प्रतापगढ़ दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ द्वारा दुग्ध समितियों को दुग्ध उत्पादकों के दूध संकलन की ऑनलाइन डेटा एंट्री प्रतिदिन करने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि अधिकांश समितियों में दुग्ध उत्पादकों की संख्या अधिक होने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क संबंधी समस्याओं के कारण प्रतिदिन डेटा अपलोड करना संभव नहीं हो पा रहा है।

प्रतिनिधियों ने बताया कि दुग्ध उत्पादकों को मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के अंतर्गत नवंबर 2025 तक अनुदान राशि प्राप्त हुई थी, लेकिन फरवरी 2026 से लागू नई व्यवस्था के बाद ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि में तकनीकी कठिनाइयों के चलते कई समितियों का डेटा समय पर अपलोड नहीं हो पा रहा है। इसके कारण पात्र दुग्ध उत्पादकों को योजना का लाभ एवं अनुदान राशि नहीं मिल पा रही है।

ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि योजना के अंतर्गत दैनिक डेटा एंट्री की बजाय मासिक डेटा एंट्री की व्यवस्था लागू की जाए तथा पूरी प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, जिससे दुग्ध समितियों और दुग्ध उत्पादकों को राहत मिल सके।

ज्ञापन सौंपने वालों में रामचंद्र, जगदीश, जमनालाल, किशनलाल, भोपराज जाट, शांतिलाल, मोहनलाल, नारायणलाल, भगवानलाल, शंकरलाल, श्यामलाल, रोशनलाल, सुनील जाट, उमेश, भैरूलाल, बंशीलाल, प्रवीण, बाबूलाल शर्मा, रतनलाल जाट, रतन गुर्जर, सुशील कुमार, कैलाश, शिवलाल, प्रकाश नारायण सहित अनेक दुग्ध उत्पादक एवं समिति प्रतिनिधि उपस्थित रहे।