एनकॉर्ड (NCORD) की समीक्षा बैठक: 1933 ‘मानस’ हेल्पलाइन का होगा व्यापक प्रचार, सोशल मीडिया से जुड़ेंगे युवा
अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल।जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध कारोबार और नशे की लत पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार को जिला कलेक्टर कमल राम मीना की अध्यक्षता में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कड़े निर्देश देते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि ‘नशा मुक्त ब्यावर अभियान’ को केवल सरकारी अभियान न रखकर एक ‘जन आंदोलन’ का रूप दिया जाए, ताकि समाज को इस बुराई से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक (SP) रतन सिंह और अतिरिक्त जिला कलक्टर ब्रह्मलाल जाट सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
साल 2026 में अब तक की बड़ी कार्रवाई: आंकड़े
बैठक के दौरान जिले में पुलिस और प्रशासन द्वारा नशीले पदार्थों के खिलाफ की गई कार्रवाई के आंकड़े भी सामने रखे गए:
करोड़ों का नशा जब्त: वर्ष 2026 में अब तक कुल 54 मामले दर्ज कर 74 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। इस दौरान तस्करों से 28 वाहन भी जब्त किए गए हैं।
बाजार कीमत: जब्त किए गए मादक पदार्थों (डोडा पोस्त, गांजा, अफीम और स्मैक) की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ 97 लाख 63 हजार 540 रुपये है।
बीते एक महीने का एक्शन: पिछले एक माह में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत 7 मामले दर्ज कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, बीती 19 जून को ब्यावर सिटी थाना पुलिस ने एक महिला सहित दो आरोपियों को 25 ग्राम स्मैक के साथ दबोचने में कामयाबी हासिल की।
कलेक्टर के निर्देश: स्कूल-कॉलेजों में सजगता और ‘मानस’ का प्रचार
जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए सूचना तंत्र को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि:
राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन “मानस-1933” का स्कूल, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
युवाओं को जागरूक करने के लिए शिक्षण संस्थानों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।
नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले आदतन और पुराने अपराधियों पर पुलिस विशेष निगरानी रखे।
एसपी की रणनीति: सोशल मीडिया और ह्यूमन इंटेलिजेंस पर जोर
बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह ने साफ किया कि नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का अभियान अब और ज्यादा आक्रामक होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस अपने ह्यूमन इंटेलिजेंस (मुखबिर तंत्र) को और मजबूत कर रही है ताकि सटीक सूचनाओं पर तुरंत रेड की जा सके। इसके अलावा, आज की युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में जाने से बचाने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से एक बड़ा डिजिटल जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
बैठक के अंत में जिला कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को राज्य सरकार और एनकॉर्ड की राज्य स्तरीय समिति के दिशा-निर्देशों की कड़ाई से पालना करने और आपसी तालमेल से काम करने के निर्देश दिए।
