खेत बचाओ अभियान: 400 से अधिक आदिवासी किसानों को मिला वैज्ञानिक खेती व आधुनिक पशुपालन का प्रशिक्षण

बन्शीलाल धाकड़

प्रतापगढ़, स्मार्ट हलचल।धरियावद उपखंड क्षेत्र में केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर द्वारा अनुसूचित जनजाति उपयोजना (TSP) के तहत ‘खेत बचाओ अभियान’ का भव्य आयोजन किया गया। जवाहरनगर पंचायत भवन में आयोजित इस रात्रि चौपाल एवं किसान-वैज्ञानिक संगोष्ठी में क्षेत्र के 400 से अधिक आदिवासी किसानों ने भाग लिया। संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को वैज्ञानिक खेती और आधुनिक पशुपालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।रासायनिक खादों को छोड़ प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान। मुख्य अतिथि विधायक थावरचंद मीणा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से मिट्टी की उपजाऊ क्षमता (उर्वरा शक्ति) लगातार कम हो रही है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया और सुझाव दिया कि इसकी शुरुआत वे अपने घर में उपयोग होने वाली सब्जियों, फलों और खाद्यान्नों के उत्पादन से कर सकते हैं। इससे मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर होगा और खेती की लागत में भी कमी आएगी। आधुनिक तकनीकों का अवलोकन। विधायक ने बताया कि जनवरी 2026 में उन्होंने अविकानगर संस्थान का दौरा किया था, जहाँ उन्होंने भेड़ एवं बकरी पालन की आधुनिक तकनीकों को देखा। संस्थान द्वारा विकसित ये तकनीकें इस क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ाने में बेहद उपयोगी साबित हो सकती हैं। टीएसपी नोडल अधिकारी डॉ. अमरसिंह मीणा ने किसानों को भेड़-बकरी पालन, उन्नत नस्लों के चयन, टीकाकरण, पशु आवास, चारा प्रबंधन तथा मौसम आधारित पशुधन प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र प्रतापगढ़ के प्रभारी डॉ. योगेश कनोजिया एवं रमेश कुमार डामोर ने खरीफ फसलों में विविधीकरण (crop diversification) और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के लाभों पर प्रकाश डाला। डॉ. रंगलाल मीणा ने किसानों को नकली खाद की पहचान करने के तरीके बताए। उन्होंने मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) के आधार पर उर्वरकों के संतुलित उपयोग, जीवामृत के निर्माण तथा प्राकृतिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी। संगोष्ठी के दौरान रात्रि चौपाल में किसानों के कृषि और पशुपालन से जुड़े सवालों व समस्याओं का वैज्ञानिकों द्वारा मौके पर ही समाधान किया गया। 108 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी ने किया प्रेरित रात्रि चौपाल में विशेष रूप से उपस्थित 108 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी महेश कोटेड ने प्राकृतिक खेती और पशुधन संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने और पर्यावरण के अनुकूल खेती अपनाने की भावुक अपील की। कार्यक्रम के दौरान आयोजित एक प्रश्नोत्तरी (Quiz) प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों को बैग, स्टील तसला और भेड़पालन कैलेंडर प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महराम मीणा, संतोष आहारी, प्रशासक रेणु परमार, लोहागढ़ प्रशासक गंगा देवी मीणा, धनराज मीणा, उषा मीणा सहित धरियावद किसान उत्पादक संगठन के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व किसान उपस्थित रहे।