एक शाम काली माता के नाम: प्रसिद्ध भजन गायक ओम मुण्डेल ने बांधा समां, गौसेवा और व्यसनमुक्ति का दिया संदेश
हरसौर|स्मार्ट हलचल।ग्राम भेरूंदा के काली माता मंदिर में आयोजित ‘एक शाम काली माता के नाम’ विशाल भजन संध्या में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। अवसर था काली माता मंदिर परिसर में आयोजित भव्य जागरण और नवनिर्मित होने वाले प्रस्तावित मंदिर के शिलान्यास समारोह का। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक अजयसिंह किलक ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिला पूजन कर नए मंदिर की नींव रखी।
जागरण की शुरुआत काली माता की विशेष पूजा-अर्चना और भव्य महाआरती के साथ हुई, जिसके बाद पूरा परिसर माता के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
’आडो खोल म्हारी भैरून्दा री काली मां…’ भजनों पर झूम उठे भक्त-
मंच पर जैसे ही प्रख्यात गौभक्त और भजन गायक ओम मुण्डेल ने माइक संभाला, पंडाल ‘जय माता दी’ और ‘गौ माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। मुण्डेल ने गणेश वंदना ‘सून्ड सुन्डाला गणपत जी म्हारा कारज सारो जी…’ से कार्यक्रम का आगाज किया। इसके बाद उन्होंने भैरूंदा की धरा को समर्पित विशेष भजन ‘आडो खोल म्हारी भैरून्दा री काली मां…’ और ‘शरण आया री मैया लाज राखजो…’ जैसे एक से बढ़कर एक मारवाड़ी भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिस पर श्रद्धालु भावविभोर होकर रातभर नृत्य करते रहे। भजनों के बीच-बीच में मुण्डेल की हास्य-व्यंग्य शैली ने दर्शकों को लोटपोट कर दिया।
गौसेवा के लिए खुला भामाशाहों का दिल-
भजन गायक ओम मुण्डेल ने अपने अनूठे अंदाज में युवाओं को राष्ट्रभक्ति, माता-पिता की सेवा और व्यसनों (नशे) से दूर रहने का संकल्प दिलाया। उन्होंने गौसेवा का विशेष आह्वान किया, जिससे प्रेरित होकर मंदिर निर्माण और गौसेवा के लिए भामाशाहों ने दिल खोलकर दान राशि की घोषणा की।
समारोह के दौरान आयोजन समिति की ओर से समाजसेवी बजरंग सिंह की अगुवाई में युवाओं ने मुख्य अतिथियों और भामाशाहों का साफा बंधवाकर व माला पहनाकर गर्मजोशी से नागरिक अभिनंदन किया। इस अवसर पर विधायक अजयसिंह किलक के साथ पूर्व प्रधान जसवंत सिंह थाटा, चेनाराम भींचर, बजरंग सिंह, मनीषा चौधरी, रामनिवास घासल, योग गुरु देवीपाल सिंह शेखावत, आचार्य रामावतार शास्त्री, प्रशासक रघुवीर सिंह गुढ़ा, रविन्द्र सिंह बनवाड़ा, गोपालसिंह सथाना, मंडल अध्यक्ष अमित आसोपा, रेखाराम माठ, रामवतार पारीक, पवन बिंदा, कुलदीप सिंह गोल और रविंद्र शर्मा सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग एवं भारी संख्या में मातृशक्ति व ग्रामीण उपस्थित रहे।
