मंदिर की करोड़ों की देवस्थान भूमि फर्जीवाड़े का मामला दर्ज

मंदिर के पुजारी सहित 10 नामजद पर एफआईआर, 25 वर्ष पुराने राजस्व रिकॉर्ड की होगी जांच

मंडावर (दौसा)। स्मार्ट हलचल।मंडावर कस्बे स्थित भगवान श्री राधा वल्लभजी मंदिर की करोड़ों रुपये मूल्य की देवस्थान (माफी) भूमि के कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। मंदिर की भूमि को फर्जी दस्तावेजों के जरिए निजी व्यक्तियों के नाम स्थानांतरित कर बेचने के आरोप में मंडावर थाना पुलिस ने 10 नामजद आरोपियों सहित अन्य के विरुद्ध गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मंदिर की सेवा-पूजा एवं संपत्ति की देखरेख की जिम्मेदारी निभाने वाले पुजारी ने कथित रूप से अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी इकरारनामे एवं अन्य दस्तावेज तैयार कर मंदिर की भूमि को निजी खातेदारी भूमि के रूप में दर्शाने का प्रयास किया। इसके बाद राजस्व अभिलेखों में कथित हेराफेरी कर भूमि का हस्तांतरण किया गया।

शिकायत के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग-921 स्थित भगवान श्री राधा वल्लभजी मंदिर के नाम दर्ज खसरा संख्या 1512, 1453, 1454, 1455 एवं 1456 की देवस्थान भूमि वर्तमान में करोड़ों रुपये मूल्य की है। आरोप है कि वर्ष 2001 से इस भूमि से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार कर नामांतरण एवं अन्य राजस्व प्रक्रियाओं के माध्यम से अवैध रूप से निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कराए गए।

मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि सरकारी अभिलेखों में बदलाव कर मंदिर की भूमि को निजी भूमि के साथ जोड़कर बेचा गया। शिकायतकर्ता ने इसे सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

मंडावर थाना पुलिस ने ताराचंद शर्मा, हरसहाय सैनी, दिनेश मीणा, सीताराम, सीतादेवी, देवकीनंदन सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र एवं अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।

पुलिस अब करीब 25 वर्ष पुराने राजस्व रिकॉर्ड, जमाबंदी, नामांतरण आदेश, इकरारनामों एवं अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि कथित फर्जीवाड़े में किन-किन व्यक्तियों एवं अधिकारियों की भूमिका रही तथा क्या किसी सरकारी स्तर पर भी अनियमितता हुई।

स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर मंदिर की भूमि को पुनः देवस्थान के नाम सुरक्षित कराने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

नोट: यह समाचार पुलिस में दर्ज एफआईआर एवं शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।