मेहरूखुर्द में अवैध शराब दुकान के खिलाफ महिलाओं का उग्र प्रदर्शन, कार्रवाई नहीं हुई तो एसडीएम कार्यालय पर धरने की चेतावनी

‘शटर बंद, पीछे से शराब बिक्री’—मेहरूखुर्द में महिलाओं ने खोला मोर्चा, प्रशासन को दी चेतावनी

दिलखुश मोटीस

सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल।सावर उपखंड के मेहरूखुर्द गांव में संचालित अवैध शराब दुकान के विरोध में शनिवार को सैकड़ों महिलाओं ने दुकान के बाहर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कहा कि पांच दिन पूर्व आमली कैंप में सावर उपखंड अधिकारी भगवती वैष्णव को ज्ञापन सौंपकर दुकान बंद कराने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि दुकान का मुख्य शटर बंद रखा जाता है, जबकि पीछे की चोर खिड़की बनाकर शराब की बिक्री लगातार की जा रही है। उन्होंने प्रशासन पर कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही अवैध शराब दुकान को पूरी तरह बंद नहीं कराया गया तो वे सावर उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगी।
वहीं महिलाओं द्वारा यह भी बताया गया है कि अवैध शराब दुकान में शराब बेच रहा विशाल कलाल द्वारा उनको अमर्दायित भाषा शैली में बात की और देख लेने कि धमकी भी दी गई।
ग्रामीणों द्वारा पूर्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया था कि मेहरूखुर्द में लंबे समय से संचालित अवैध शराब ब्रांच के कारण गांव का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि यहां दिन-रात शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं, छात्राओं, राहगीरों और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार नशे की हालत में गाली-गलौज, मारपीट और अन्य असामाजिक गतिविधियां भी होती रहती हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि समूह संख्या 283 के अंतर्गत आमली एवं गोरधा ग्राम पंचायत क्षेत्र के लिए केवल एक वैध शराब दुकान स्वीकृत है। इसके बावजूद मेहरूखुर्द में कथित रूप से अवैध शराब ब्रांच संचालित होना आबकारी नियमों के विपरीत है। ग्रामीणों ने इसकी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि शराब बिक्री का यह स्थान चार रास्तों के संगम के पास स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है। नशे में धुत लोगों की आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। साथ ही मेहरूखुर्द, किशनपुरा और माधोपुरा सहित आसपास के गांवों के छात्र-छात्राएं इसी मार्ग से मेहरूकलां स्थित विद्यालयों और महाविद्यालयों में आते-जाते हैं, जिससे अभिभावकों और महिलाओं में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
ज्ञापन में महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि कथित अवैध शराब बिक्री के कारण युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे कई परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे हैं। हाल ही में इसी स्थान पर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट की घटना का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग दोहराई है।