शटडाउन के बाद भी लाइन में दौड़ा करंट, एफआरटी के ठेका कर्मचारी की मौत

विभागीय लापरवाही का आरोप: परिजनों ने अस्पताल में दिया धरना, मुआवजे के आश्वासन पर शांत हुआ मामला
थांवला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
रियांबड़ी/थांवला।स्मार्ट हलचल।रियांबड़ी क्षेत्र में बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक परिवार पर भारी पड़ गई। भेरूंदा जीएसएस की एफआरटी (फॉल्ट रिपेयर टीम) में कार्यरत एक ठेका कर्मचारी की बिजली लाइन पर फॉल्ट ठीक करने के दौरान करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए परिजनों ने विभागीय कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग के उच्च अधिकारी और रियांबड़ी तहसीलदार अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। पीड़ित परिवार को उचित सहायता राशि देने के आश्वासन के बाद करीब कई घंटों से चल रहा धरना समाप्त हुआ।
शटडाउन के बावजूद चालू कर दी लाइन
पुलिस को दी गई रिपोर्ट में मृतक के बड़े भाई जवरदीन पुत्र अब्दुल्ला खां (निवासी बिखरनिया खुर्द, थाना पादूकलां) ने बताया कि उनका 38 वर्षीय भाई सदीक सौदा एंड कंपनी, गुड़गांव के माध्यम से बिजली विभाग में ठेका कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। 4 जुलाई की शाम करीब 6 बजे वह बनवाड़ा फीडर से जुड़े शहबाज सिपाहियों की ढाणी स्थित डीपी (ट्रांसफॉर्मर) का फॉल्ट ठीक करने गया था।
परिजनों का आरोप है कि सदीक ने नियमानुसार हाईटेंशन लाइन का शटडाउन लिया था। इसके बाद जब वह खंभे पर चढ़कर कार्य कर रहा था, तभी अचानक लाइन में करंट प्रवाहित हो गया। करंट के जोरदार झटके के कारण वह खंभे से नीचे गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद साथी कर्मचारी सदीक को लेकर थांवला के राजकीय अस्पताल पहुंचे। जहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के घर में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण व परिजन अस्पताल परिसर में जमा हो गए। परिजनों का सीधा आरोप है कि शटडाउन प्रक्रिया लागू होने के बावजूद विभागीय कर्मचारियों ने घोर लापरवाही बरतते हुए लाइन को दोबारा चालू कर दिया, जिससे यह हादसा हुआ।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
थांवला थानाधिकारी अशोक कुमार झाझडिया ने बताया कि पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। थानाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और तकनीकी जांच के बाद जो भी कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।