अफीम किसानों की समस्याओं को लेकर 6 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन

स्मार्ट हलचल, चित्तौड़गढ़। भारतीय अफीम किसान विकास समिति चित्तौड़गढ़ एवं भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के संयुक्त तत्वावधान में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर 6 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। आंदोलन के दौरान राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर अफीम किसानों एवं अन्य किसानों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की जाएगी।

समिति ने बताया कि ज्ञापन में अफीम किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को उठाया गया है। किसानों का आरोप है कि आबकारी विभाग की ओर से समाचार पत्रों के माध्यम से अफीम किसानों को लाइसेंस निरस्त करने और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है, जबकि किसान वर्षों से वैधानिक रूप से अफीम की खेती कर रहे हैं।

ज्ञापन में किसानों ने डोडा चूरा के ठेके पुनः शुरू करने, सरकार द्वारा डोडा चूरा खरीदने की व्यवस्था करने तथा इसका मूल्य एक हजार रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित करने की मांग की है। साथ ही किसानों का कहना है कि पुराने डोडा चूरा के संबंध में उनकी सुनवाई कर उचित मुआवजा दिया जाए।

इसके अलावा अफीम का समर्थन मूल्य 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित करने, वर्ष 1998-99 से लंबित अफीम लाइसेंस जारी करने, सभी किसानों का रिकॉर्ड वर्ष 1980 से ऑनलाइन करने तथा नए अफीम लाइसेंस जारी करने की मांग भी रखी गई है।

ज्ञापन में सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि तथा नदी जोड़ो योजना के तहत नर्मदा के इंदिरा गांधी सागर से नहर लाकर चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ एवं राजस्थान के अन्य क्षेत्रों में सिंचाई की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की गई है।

समिति ने अधिक से अधिक किसानों से 6 जुलाई को आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में एकजुट होने का आह्वान किया है।