पत्रकार को धमकी देने का आरोप, मीडियाकर्मियों ने सौंपा ज्ञापन

निष्पक्ष जांच व दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग, अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

निम्बाहेड़ा, स्मार्ट हलचल। स्वतंत्र पत्रकार पप्पूलाल देतवाल को कथित रूप से जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित करने एवं जान से मारने की धमकी दिए जाने के विरोध में सोमवार को नगर के पत्रकारों एवं मीडियाकर्मियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए उपखंड अधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन के अनुसार स्वतंत्र पत्रकार पप्पूलाल देतवाल जिला चिकित्सालय निम्बाहेड़ा में अपने परिजन की दवा लेने पहुंचे थे। इस दौरान अस्पताल के एक कर्मचारी द्वारा उनकी पत्रकारिता गतिविधियों को लेकर कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि संबंधित कर्मचारी ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पत्रकार को अपमानित किया तथा भविष्य में समाचार प्रकाशित करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

मीडियाकर्मियों ने ज्ञापन में कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उसका दायित्व समाज एवं प्रशासन के समक्ष जनहित के मुद्दों को निष्पक्ष रूप से रखना है। उनका कहना है कि यदि किसी पत्रकार को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने, डराने-धमकाने अथवा जातिगत रूप से अपमानित करने का प्रयास किया जाता है तो यह न केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी विपरीत है।

पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी पत्रकार को इस प्रकार की प्रताड़ना का सामना नहीं करना पड़े तथा पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान बना रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा तथा बाद में पुलिस उपाधीक्षक से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर एस.एस. अग्रवाल, जाकिर हुसैन, प्रकाश खत्री, फैसल खान, बिहारीलाल सोलंकी, शकील खान, विक्रम मीणा, मोईन खान, अशरफ मेव, निशांत अग्रवाल, शरीफ मेव, कमलेश आमेटा, पप्पूलाल देतवाल, वकार अहमद सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


नोट : यह समाचार पत्रकारों द्वारा प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन एवं उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।