अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल।स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के मामले में नवगठित ब्यावर जिले ने प्रदेश में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ब्यावर जिले ने नेशनल क्वालिटी अश्योरेंस (NQAS) रैंकिंग की तालिका में शीर्ष 5 में जगह बनाते हुए चौथा स्थान हासिल किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय गहलोत के निर्देशन में जिला टीम की इस बड़ी उपलब्धि से जिले के स्वास्थ्य महकमे में हर्ष का माहौल है।
लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ते कदम
रिपोर्ट के अनुसार, ब्यावर जिले में वर्ष 2026-27 के लिए कुल 151 स्वास्थ्य सुविधाओं को NQAS श्रेणी के तहत लक्षित किया गया है। जिला टीम के बेहतरीन प्रयासों की बदौलत अब तक रिकॉर्ड 52 स्वास्थ्य सुविधाएं प्रमाणित हो चुकी हैं। इनमें से:
50 स्वास्थ्य संस्थाओं को स्टेट सर्टिफाइड (State Certified Facilities) का दर्जा मिल चुका है।
02 स्वास्थ्य संस्थाएं राष्ट्रीय स्तर पर (National Certified Facilities) प्रमाणित होकर अपनी गुणवत्ता का लोहा मनवा चुकी हैं।
चिकित्सा विभाग का अगला लक्ष्य अब राज्य स्तर पर प्रमाणित हो चुकी सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर (National Certification) पर प्रमाणित कराकर शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करना है।
जमीनी स्तर पर निगरानी के लिए ‘ब्लॉक क्वालिटी सेल’ गठित
गुणवत्ता सुधार गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए डॉ. संजय गहलोत के निर्देशन में जिले में ‘ब्लॉक क्वालिटी सेल’ का गठन किया गया है। इसके साथ ही, जमीनी स्तर पर मानकों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दो विशेष स्टेट प्रदाता प्रशिक्षण (SPT) आयोजित किए गए।
इस विशेष प्रशिक्षण में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHOs) को:
नेशनल क्वालिटी अश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (NQAS)
कायाकल्प (Kayakalp)
लक्ष्य (LaQshya)
तथा स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुधार की विभिन्न प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
“गुणवत्तापूर्ण सेवाएं ही जीतेंगी आमजन का विश्वास” — डॉ. गहलोत
प्रशिक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. संजय गहलोत ने साफ शब्दों में कहा कि:
“गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं ही आमजन का विश्वास जीतने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।”
उन्होंने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर निर्धारित गुणवत्ता मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने, रिकॉर्ड संधारण, संक्रमण नियंत्रण (Infection Control), स्वच्छता, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन (Biomedical Waste Management), दवा एवं उपकरणों की उपलब्धता तथा रोगी संतुष्टि जैसे सभी संकेतकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
गुणवत्ता सुधार को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लोकेश कुमावत ने भी प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को नियमित आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment), गैप एनालिसिस और समयबद्ध सुधारात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए गुणवत्ता सुधार को एक जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया, ताकि आगामी समय में जिला ब्यावर रैंकिंग में नंबर वन पायदान पर पहुंच सके।
