एक घंटे की बारिश में डूबा अजमेर, स्मार्ट सिटी के दावों की खुली पोल; सड़कें बनीं तालाब, स्कूल वैन फंसी

(हरिप्रसाद शर्मा )

अजमेर/स्मार्ट हलचल।अजमेर में मंगलवार को करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। लंबे समय से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बारिश से राहत तो मिली, लेकिन जलभराव ने नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। शहर के कई प्रमुख मार्ग तालाब में तब्दील हो गए, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

 

एक घंटे की बारिश से शहर का जनजीवन प्रभावित
मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद अजमेर शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सूचना केंद्र चौराहा, मेडिकल कॉलेज के बाहर, मार्टिंडल ब्रिज सहित कई प्रमुख स्थानों पर सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं। सड़कों पर जमा पानी के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

जलभराव से सड़कें बनीं तालाब
बारिश के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया। कई जगहों पर सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। लोगों को पानी से लबालब सड़कों को पार करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, जबकि यातायात भी प्रभावित रहा। मेडिकल कॉलेज के बाहर सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर गया। इसी दौरान एक बुलेट सवार पानी में छिपे गड्ढे का अंदाजा नहीं लगा सका और संतुलन खोकर गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला।

बारिश के बीच बंद हुई स्कूल वैन
मार्टिंडल ब्रिज पर बच्चों से भरी एक स्कूल वैन बारिश के पानी के बीच बंद हो गई। वाहन रुक जाने के बाद चालक को वैन को धक्का लगाकर आगे बढ़ाना पड़ा। इस दौरान वैन में सवार बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और राहगीरों में चिंता का माहौल बना रहा।

स्मार्ट सिटी परियोजना पर उठे सवाल
महज एक घंटे की बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने ला दी। जगह-जगह जलभराव और बदहाल सड़कों ने स्मार्ट सिटी परियोजना और नगर निगम के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। लोगों का कहना है कि हर बारिश में शहर के कई हिस्सों में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में अजमेर संभाग में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के सामने जलभराव और यातायात व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। यदि समय रहते प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।