राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए एसएसबी के वीर सपूत प्रदीप कुमार सिंह

तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को दी अंतिम विदाई, गार्ड ऑफ ऑनर के बीच गूंजे ‘अमर रहें’ के नारे, नम आंखों से उमड़ा जनसैलाब

पलियाकलां खीरी।स्मार्ट हलहल|पश्चिम बंगाल में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में शहीद हुए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 61वीं वाहिनी के हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार सिंह का गुरुवार को उनके पैतृक नगर पलिया कलां में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगे में लिपटे वीर जवान को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे वातावरण में गम, गर्व और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

जैसे ही तिरंगे में लिपटा प्रदीप कुमार सिंह का पार्थिव शरीर उनके आवास पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों का करुण क्रंदन हर किसी की आंखें नम कर गया। हर चेहरा अपने वीर सपूत को खोने के दर्द से गमगीन नजर आया।

जानकारी के अनुसार, प्रदीप कुमार सिंह एसएसबी की 61वीं वाहिनी में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। वह अवकाश लेकर अपने घर पलिया लौट रहे थे। इसी दौरान पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जनपद में उनकी कार भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई, जिसमें उनका असामयिक निधन हो गया। इस दुखद घटना से परिवार ही नहीं, पूरे क्षेत्र और एसएसबी परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।

अंतिम संस्कार के दौरान एसएसबी और स्थानीय पुलिस के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। मातृभूमि की सेवा में समर्पित इस वीर जवान को श्रद्धांजलि देते हुए उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन रखा और नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

श्मशान घाट पर “प्रदीप कुमार सिंह अमर रहें”, “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के गगनभेदी नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा क्षेत्र के बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

अपनी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए पहचाने जाने वाले हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार सिंह का असामयिक निधन न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र और एसएसबी के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनका समर्पण, सेवा और देशभक्ति सदैव लोगों को प्रेरित करती रहेगी।