मंगरोप@मुकेश खटीक।हमीरगढ़ उपखंड क्षेत्र के खैराबाद गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही अब ग्रामीणों की जान-माल पर भारी पड़ने लगी है।गांव से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन लंबे समय से जर्जर हालत में है।ग्रामीणों का आरोप है कि लाइन के तार कई बार टूटकर नीचे गिर चुके हैं,जिससे कई गंभीर हादसे हो चुके हैं।हाल ही में तार टूटने से कई घरों के बिजली मीटर जल गए और आगजनी की घटनाएं भी हुईं,जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो कभी भी बड़ा हादसा और जनहानि हो सकती है।
ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या की जानकारी कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को मौखिक एवं अन्य माध्यमों से दी गई,लेकिन स्थायी समाधान करने के बजाय हर बार केवल खानापूर्ति की गई।आरोप है कि नए तार लगाने की बजाय पुराने और जर्जर तारों को जोड़कर बिजली आपूर्ति शुरू कर दी जाती है,जिससे कुछ समय बाद फिर वही स्थिति बन जाती है।इससे ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी है।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार के अधीन कार्य करने वाले कुछ कर्मचारी शिकायत करने या गुणवत्तापूर्ण कार्य की मांग उठाने वाले लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास करते हैं।इस कारण कई ग्रामीण खुलकर शिकायत करने से भी डर रहे हैं। ग्रामीणों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर विद्युत लाइन लगातार दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है।खुले और कमजोर तारों के कारण बच्चों,पशुओं और राहगीरों की जान पर भी खतरा बना हुआ है।बरसात और तेज हवा के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।इसके बावजूद विभाग द्वारा अब तक पूरी लाइन बदलने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि खैराबाद की 11 केवी लाइन का उच्च स्तरीय तकनीकी निरीक्षण कराया जाए तथा पूरी लाइन पर जर्जर और जोड़े गए पुराने तारों को हटाकर नए एवं मानक गुणवत्ता के तार लगाए जाएं।साथ ही जिन परिवारों के बिजली मीटर जल गए और आगजनी से नुकसान हुआ है,उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाए।इसके अलावा ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों,कर्मचारियों और ठेकेदार की कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई करने तथा ग्रामीणों को डराने-धमकाने के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना या जनहानि की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्युत विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की होगी।गांव में फिलहाल लोगों के बीच भय और आक्रोश का माहौल है तथा वे शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
