श्रीगंगानगर की घटना पर फूटा वैश्य महिला संगठन का आक्रोश, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

(पंकज पोरवाल)

भीलवाड़ा। स्मार्ट हलहल|श्रीगंगानगर में एक बालिका के साथ हुई जघन्य घटना के विरोध में अंतरराष्ट्रीय वैश्य महिला संगठन ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए शुक्रवार को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मामले की त्वरित सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को कड़ी से कड़ी एवं उदाहरणात्मक सजा दिलाने की मांग की, ताकि भविष्य में इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। प्रदेश मंत्री प्रतिभा मानसिंहका, जिलाध्यक्ष लीला राठी एवं जिला मंत्री सुमन अग्रवाल ने संयुक्त रूप से अत्यंत भावुक और आक्रामक लहजे में कहा कि श्री गंगानगर की घटना ने पूरी मानवता को झकझोर कर रख दिया है। आज हमारी बेटियां अपने ही घर-आंगन में सुरक्षित नहीं हैं, जो बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। एक सभ्य समाज में ऐसी क्रूरता के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता। हम महामहिम राष्ट्रपति जी से गुहार लगाते हैं कि इस मामले की त्वरित सुनवाई (फास्ट ट्रैक कोर्ट) कर दोषियों को ऐसी सख्त और ऐतिहासिक सजा दी जाए, जिससे भविष्य में कोई भी ऐसा घिनौना कृत्य करने की हिम्मत न कर सके। जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, हमारा संगठन चुप नहीं बैठेगा और बेटियों की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन की अनेक पदाधिकारी और महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं, जिन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के नारे लगाए। इस मौके पर कोषाध्यक्ष सुलोचना गर्ग, जतन हिंगड़, शशि अजमेरा, स्नेहलता पटवारी, कल्पना माहेश्वरी, शशि सिंगल, सुमन सराफ, निशा सोनी, बिना अग्रवाल, प्रेमलता अग्रवाल, आशा अग्रवाल, सीमा लोढ़ा मौजूद रहे।