अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलहल|शिक्षा शाला संबल जांच और निजी विद्यालयों पर बढ़ते प्रशासनिक दबाव के विरोध में शनिवार को ब्यावर एवं आस-पास के क्षेत्र के निजी स्कूल संचालकों की एक आपात बैठक सिद्धार्थ इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित की गई। बैठक में सरकार द्वारा जारी विद्यालय हितों के विपरीत आदेशों और बार-बार होने वाली जांचों पर कड़ा रोष व्यक्त किया गया। स्कूल संचालकों ने साफ कहा कि जब समस्त डेटा ऑनलाइन उपलब्ध है और आरटीई (RTE) के तहत सालाना निरीक्षण होता है, तो सालभर अलग-अलग जांचों के नाम पर परेशान करना बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है।
‘स्कूल बचाओ संघर्ष समिति’ का हुआ गठन
सरकार से प्रभावी संवाद और नियमों में संशोधन करवाने के लिए बैठक में सर्वसम्मति से “स्कूल बचाओ संघर्ष समिति” का गठन किया गया। इस 25 सदस्यीय समिति में सर्वसम्मति से भरत कुमार भाटी को संयोजक, जितेन्द्र कुमार अरोड़ा को अध्यक्ष, कुलदीप सिंह राठौड़ को प्रवक्ता, ओमाराम राणवा को सचिव तथा राजेश कुमार शर्मा को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
15 जुलाई को संपूर्ण बंद और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने घोषणा की कि अपनी मांगों के समर्थन में आगामी 15 जुलाई 2026 (बुधवार) को ब्यावर और आस-पास के क्षेत्रों के सभी निजी विद्यालय पूरी तरह से बंद रहेंगे। इस दिन सभी स्कूल संचालक एकजुट होकर जिलाधीश (कलेक्टर) महोदय को मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं शासन सचिव के नाम एक विस्तृत मांग पत्र और ज्ञापन सौंपेंगे।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
बैठक में उपस्थित संजय गहलोत, प्रवीण गोयल, दिलीप सिंह चौहान, दिनेश माहेश्वरी सहित दर्जनों स्कूल संचालकों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि निजी स्कूलों की समस्याओं का तुरंत समाधान नहीं किया गया और शाला संबल जांच जैसी प्रक्रियाओं में व्यावहारिक सुधार नहीं हुए, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र व व्यापक रूप दिया जाएगा। समिति ने 15 जुलाई के बंद को सफल बनाने के लिए सभी संचालकों से अधिक से अधिक संख्या में जुटने की अपील की है।
