अधिकारियों के तबादले के साथ ही बेअसर हुए आदेश!बस स्टैंड पर फिर नाले पर पक्का अतिक्रमण,कार्रवाई पर उठे सवाल

मंगरोप@मुकेश खटीक।कस्बे के बस स्टैंड पर प्रशासन द्वारा हाल ही में की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों के बाद बेअसर होती नजर आ रही है।जिस नाले से 9 जुलाई को भारी पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया था,वहीं अब दोबारा पट्टियां डालकर उस पर सीमेंट से पक्का निर्माण कर लिया गया है।इससे न केवल प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं,बल्कि बस स्टैंड क्षेत्र में फिर से जाम,जलभराव और आमजन की परेशानी बढ़ने की आशंका भी गहरा गई है।जानकारी के अनुसार 9 जुलाई को पंचायत प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में बस स्टैंड क्षेत्र में नाले पर किए गए अतिक्रमण को हटाया था।उस दौरान प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि भविष्य में यदि किसी ने नाले पर दोबारा अतिक्रमण किया तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।लेकिन कुछ ही दिनों बाद हालात फिर पहले जैसे हो गए।अतिक्रमियों ने दोबारा नाले पर पट्टियां डालकर सीमेंट से पक्का निर्माण कर लिया और नाले पर फिर से कब्जा जमा लिया।स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक फेरबदल का फायदा उठाकर कुछ प्रभावशाली लोगों और जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में दोबारा अतिक्रमण कर लिया गया।लोगों का आरोप है कि जिन अधिकारियों ने कार्रवाई कर अतिक्रमण हटवाया था,उनके स्थानांतरण के बाद कार्रवाई की गंभीरता भी खत्म हो गई और अतिक्रमियों के हौसले बुलंद हो गए।दरअसल,हाल ही में हमीरगढ़ तहसीलदार भंवरलाल सेन,मंगरोप थाना प्रभारी विजय मीणा, ग्राम विकास अधिकारी रामभवर सिंह राणावत तथा भू-अभिलेख अधिकारी चन्द्र प्रकाश प्रजापत सहित कई अधिकारियों का अन्य स्थानों पर तबादला हो चुका है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी प्रशासनिक बदलाव का फायदा उठाकर दोबारा नाले पर कब्जा कर लिया गया।इस पूरे घटनाक्रम के बाद लोगों के बीच यह सवाल भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या अधिकारियों के स्थानांतरण के साथ उनके निर्देश भी खत्म हो जाते हैं?यदि अतिक्रमण हटाने के कुछ ही दिनों बाद दोबारा उसी स्थान पर पक्का निर्माण हो सकता है तो फिर प्रशासन की कार्रवाई और चेतावनियों का क्या महत्व रह जाता है?
उधर,उपखंड अधिकारी(एसडीएम)झंवर लाल मित्तल ने कहा कि यदि अतिक्रमण हटाने के बाद किसी ने दोबारा अतिक्रमण किया है तो मामले की जांच कराई जाएगी।जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।यदि समय रहते दोबारा हुए अतिक्रमण नहीं हटाए गए तो बस स्टैंड क्षेत्र में यातायात व्यवस्था,नाले की निकासी और आमजन की सुविधा एक बार फिर गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।