दोनों पक्षों ने लगाए आरोप,वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
बानसूर।स्मार्ट हलचल|कस्बें के उप जिला अस्पताल में सोमवार देर रात मरीज के परिजनों और ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक के बीच विवाद का मामला सामने आया हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर अभद्र व्यवहार और मारपीट के प्रयास के आरोप लगाए हैं। घटना की सूचना मिलने पर बानसूर पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।जानकारी कें अनुसार धीरपुर निवासी लेखराम गुर्जर अपने भाई हीरालाल गुर्जर के साथ सोमवार रात करीब 10 बजे अपने तीन वर्षीय बच्चे को पैर में फ्रैक्चर होने के बाद उपचार के लिए बानसूर उप जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। उस समय अस्पताल में नाइट ड्यूटी पर डॉक्टर दीपक शर्मा तैनात थे। हीरालाल गुर्जर का आरोप है कि डॉक्टर ने बच्चे का उपचार करने से इनकार कर उसे अन्य अस्पताल ले जाने की बात कही।परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने बच्चे का इलाज करने का आग्रह किया तो डॉक्टर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, थप्पड़ मारा, गाली-गलौज की और लाठी लेकर दौड़ पड़े। परिजनों ने चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं डॉक्टर दीपक शर्मा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अस्पताल पहुंचने पर बच्चे का प्राथमिक उपचार किया गया। जांच में बच्चे के पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि होने पर बेहतर इलाज के लिए उसे कोटपुतली जिला अस्पताल रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि रेफर करने की बात से परिजन नाराज हो गए और कहने लगे कि जब यहां उप जिला अस्पताल है तो ऑपरेशन यहीं होना चाहिए। डॉ. शर्मा ने बताया कि समझाने के बावजूद परिजन उग्र हो गए और अस्पताल स्टांफ के साथ अभद्रता करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि परिजनों ने दवाइयां उनकी ओर फेंकी और मारपीट करने का प्रयास किया। इसके बाद बाहर से कुछ अन्य युवकों को भी अस्पताल बुला लिया गया, जिससे करीब तीन घंटे तक अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही। घटना की सूचना पर बानसूर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से जानकारी ली। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना हैं कि दोनों पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद अस्पताल में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कोटपूतली-बहरोड़ सीएमएचओ डॉ.आशीष शेखावत ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पीएमओ से मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी हैं। पीएमओ डॉ.राजेश यादव ने बताया कि सीएमएचओ के आदेश की पालना में मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई हैं।
