सरकारी सुविधाओं से वंचित मरीज, इलाज के लिए देवली व केकड़ी जाने को मजबूर
सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल|जिले के सावर स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा विभाग की लापरवाही के चलते स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होती नजर आ रही हैं। चिकित्सालय में एक्स-रे और सोनोग्राफी जैसी महत्वपूर्ण जांच सेवाएं कई महीनों से बंद पड़ी हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को मीडियाकर्मियों द्वारा चिकित्सालय का निरीक्षण किए जाने पर पाया गया कि एक्स-रे एवं सोनोग्राफी मशीनें लंबे समय से बंद होने के कारण धूल फांक रही हैं। जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को देवली और केकड़ी रेफर किया जा रहा है। इसका सबसे अधिक असर गरीब एवं ग्रामीण तबके के मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ और समय की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में केवल दो महिला चिकित्सक ही मौजूद मिलीं, जबकि अन्य चिकित्सकीय एवं स्टाफ कर्मी अनुपस्थित पाए गए। अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर गंदगी और अव्यवस्थाएं भी देखने को मिलीं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी है।
चिकित्सालय प्रभारी डॉ. राजेश गुप्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वे अवकाश पर बताए गए।
गौरतलब है कि सावर उपखंड मुख्यालय का यह राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र की नगरपालिका क्षेत्र सहित 20 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीणों के लिए प्रमुख सरकारी चिकित्सा केंद्र है। बावजूद इसके, आवश्यक जांच सेवाएं बंद होने से मरीजों को निजी जांच केंद्रों या अन्य शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने विधायक शत्रुघ्न गौतम तथा अजमेर जिला कलेक्टर से अस्पताल की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार करने, बंद पड़ी एक्स-रे एवं सोनोग्राफी मशीनों को तत्काल चालू करवाने तथा पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
