लखीमपुर खीरी। स्मार्ट हलचल|उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के चलते सोमवार को जनपद खीरी के दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के पर्यवेक्षण, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी से दोनों मामलों में न्यायालय ने दोषसिद्धि सुनिश्चित की।
पहले मामले में वर्ष 2022 में थाना पलिया पुलिस ने समीर पुत्र नसरूद्दीन, निवासी मोहल्ला माहिगिरान, कस्बा व थाना पलिया के कब्जे से 1400 ग्राम गांजा बरामद किया था। इस संबंध में थाना पलिया में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-01) की अदालत ने अभियुक्त समीर को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संदीप मिश्रा तथा कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल मनोज कुमार ने प्रभावी पैरवी की।
दूसरा मामला वर्ष 2004 का है, जिसमें थाना मैगलगंज क्षेत्र के ग्राम खानपुर झाला निवासी हरिशचन्द्र पुत्र गुलाब पर सरकारी कुर्क अमीन और उनके स्टाफ के साथ मारपीट करने का आरोप था। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 332, 353, 323 और 504 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई पूरी होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम-04) की अदालत ने अभियुक्त हरिशचन्द्र को दोषी ठहराते हुए जेल में बिताई गई अवधि के कारावास तथा 2,500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मुकदमे में लोक अभियोजक के.पी. पाण्डेय और कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल मनीष नायक की प्रभावी पैरवी रही।
पुलिस विभाग ने बताया कि ऑपरेशन कनविक्शन के तहत गंभीर मामलों में त्वरित एवं प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने का अभियान लगातार जारी है, जिससे अपराधियों में कानून का भय बना रहे और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
