मांगें नहीं मानीं तो 11 दिन बाद जयपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय का होगा घेराव
अनिल कुमार
स्मार्ट हलचल|ब्यावर।शिक्षा विभाग और राज्य सरकार द्वारा निजी शिक्षण संस्थाओं पर थोपे जा रहे अव्यावहारिक व नियम-विरुद्ध आदेशों के विरोध में 15 जुलाई (बुधवार) को ब्यावर सहित प्रदेश के लगभग 20 जिलों में निजी विद्यालय पूर्णतः बंद रहेंगे। ‘स्कूल बचाओ संघर्ष समिति, राजस्थान – ब्यावर’ के तत्वावधान में मंगलवार को हुई एक आवश्यक बैठक में इस प्रदेशव्यापी बंद की तैयारियों की समीक्षा कर आंदोलन को अंतिम रूप दिया गया।
निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि सरकार के नए निर्देशों से स्कूलों के सामने व्यावहारिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं, जिसके विरोध में यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन किया जा रहा है।
गाँधी सर्किल पर जुटेगा हुजूम, कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन के तहत बुधवार प्रातः 9:00 बजे ब्यावर जिले के समस्त निजी स्कूल संचालक चांग गेट स्थित गाँधी सर्किल पर एकत्रित होंगे, जहाँ एक आमसभा का आयोजन किया जाएगा। सभा के बाद निजी स्कूल संचालक शांतिपूर्ण मार्च (रैली) निकालेंगे।
यह रैली पाली बाजार, लोहारान चौपड़, पंचबत्ती, महादेवजी की छतरी और अजमेरी गेट होते हुए प्रातः 10:30 बजे जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगी। यहाँ जिला प्रशासन के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की जाएगी।
इन बड़े स्कूलों का मिला समर्थन
इस आंदोलन को ब्यावर जिले के अधिकांश प्रतिष्ठित स्कूलों का व्यापक समर्थन मिला है, जिनमें जीडीए ग्रुप ऑफ स्कूल, केडी जैन ग्रुप, डीपीएस, मंगल न्यूटन, सेंट पॉल, इमानुएल स्कूल, सेंट्रल एकेडमी, बाल मंदिर, आदर्श विद्या मंदिर, मयूर दा कॉन्वेंट, वर्धमान ग्रुप, शिक्षा पब्लिक, प्रज्ञा इंटरनेशनल, क्रिएटिव एकेडमी, गैलेक्सी इंग्लिश स्कूल सहित दर्जनों विद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा जवाजा क्षेत्र के करुणामयी विद्यालय सहित ग्रामीण अंचल के स्कूलों ने भी बंद का समर्थन किया है।
बैठक में ये रहे मौजूद
मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में संघर्ष समिति के संयोजक भरत भाटी, अध्यक्ष जितेंद्र अरोड़ा, प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौड़, सचिव ओमाराम राणवा, कोषाध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष अजमत काठात, दिलीप सिंह चौहान, मनीष सांखला, संजय गहलोत सहित कई पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे। समिति ने सभी शिक्षकों, संचालकों और अभिभावकों से इस शांतिपूर्ण आंदोलन में एकजुटता दिखाने की अपील की है।
11 दिन बाद जयपुर में महापड़ाव की चेतावनी
संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निजी स्कूलों की जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो ठीक 11 दिन बाद राजस्थान के समस्त स्कूल संचालक जयपुर कूच करेंगे और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के बाहर एकत्रित होकर आंदोलन के अगले चरण का शंखनाद करेंगे।
