डोडा-चूरा नष्टीकरण पर अफीम किसानों का विरोध, 2 हजार रुपये प्रति किलो मुआवजे की मांग

शिव जांगिड़

लाडपुरा, स्मार्ट हलचल। तहसील मांडलगढ़ के सराणा स्थित आबकारी विभाग के डोडा-चूरा नष्टीकरण कैंप में मंगलवार को अफीम उत्पादक किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने कैंप प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए डोडा-चूरा के नष्टीकरण पर प्रति किलो 2,000 रुपये मुआवजा देने की मांग की।भारतीय किसान संघ के प्रदेश अफीम प्रमुख बद्रीलाल जाट ने कहा कि डोडा-चूरा तैयार करने में किसानों का श्रम और खर्च लगता है। ऐसे में बिना मुआवजे के इसका नष्टीकरण किसानों के लिए घाटे का सौदा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार मुआवजा देने में असमर्थ है तो किसानों को स्वयं के शपथ-पत्र के आधार पर अपने खेतों में डोडा-चूरा का जैविक खाद के रूप में नष्टीकरण करने की अनुमति दी जाए।

किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे डोडा-चूरा का नष्टीकरण नहीं कराएंगे। इस दौरान किसानों ने “भारत माता की जय” और “डोडा-चूरा का मुआवजा दो” के नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन में सराणा, धामणघट्टी, बरूंदनी, देबीपुरा, नया गांव (सराणा), खाचरोल, जापरपुरा, गोवटा, मानगंज, जगपुरा, श्यामगढ़, फूलजी की खेड़ी, गोविंदपुरा, लाडपुरा, बल्दरखा, फलासिया, कालीखोल और हिंगोनिया सहित आसपास के कई गांवों के सैकड़ों अफीम किसान शामिल हुए।

इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के प्रदेश अफीम आयाम प्रमुख बद्रीलाल जाट, जिला प्रचार प्रमुख श्यामलाल सुथार, तहसील अध्यक्ष लालाराम गुर्जर, तहसील मंत्री धनराज कुमावत, रामेश्वर जाट, हरिलाल जाट, जगदीश जाट, बालू धाकड़, सांवरमल जाट, गोपाल धाकड़ सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।