भरत देवड़वाल
जयपुर। स्मार्ट हलचल|राजस्थान में सरकार द्वारा जारी की गई तबादला सूची के बाद से राजधानी जयपुर में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। ‘तबादला एक्सप्रेस’ के खौफ के बीच कई मंत्री अपने बंगलों पर नहीं मिल रहे हैं, और उनके फोन भी बंद बताए जा रहे हैं। इससे अटकलों का बाजार गर्म है।
सूत्रों के अनुसार, तबादला सूची जारी होने के बाद से तबादला प्रक्रिया की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी जयपुर में अभी भी मंत्रियों के आवासों व शासन सचिवालय के बाहर सरकारी कर्मचारियों, के साथ साथ पार्टी पदाधिकारियों की लंबी कतारें आवागमन देखने को मिल रहा है, अभी भी कतारें लगी हुई हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी पारिवारिक परिस्थितियों को लेकर और आमजन अपनी फाइलों और सिफारिशों के साथ बंगलों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के कई विधायकों की सिफारिशें भी इस बार नहीं चल पाने की चर्चा है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और आमजन में निराशा देखी जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि कहीं यह तबादला प्रक्रिया आने वाले समय में भाजपा के लिए गले की फांस न बन जाए? कार्यकर्ताओं का मानना है कि अगर विधायकों की ओर से अपने विधानसभा क्षेत्र के कर्मचारियों व जमीनीस्तर के कार्यकर्ताओं पार्टी पदाधिकारियों की सिफारिशों को तवज्जो नहीं मिला तो इसका असर जमीनी स्तर पर नेताओं व पार्टी को देखना पड़ सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शासन सचिवालय , मुख्यमंत्री कार्यालय से अभी भी तबादला सूची की कोई संशोधित लिस्ट जारी की जाएगी? इसी उम्मीद में जयपुर के मंत्री आवासों के बाहर भीड़ जुटी हुई है और हर कोई नए आदेशों का इंतजार कर रहा है।
प्रदेश भर में इस तबादला प्रक्रिया को लेकर तिथि निकल जाने के बाद भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। वहीं स्थिति ये भी है सूची और आदेशों को लेकर अंतिम स्थिति निकल जाने के बाद भी क्या अभी भी बेकडेट में ट्रांसफर लिस्टे ज़ारी होगी? या पूर्णतः विराम लग गया है? इसके लिए शासन के आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा की जा रही है।
