गोलागोकर्णनाथ खीरी। स्मार्ट हलचल|दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला वन रेंज में वन उत्पाद ‘कटरुआ’ के अवैध कारोबार ने एक बार फिर वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक नगरी छोटी काशी गोला की सब्जी मंडी इन दिनों जंगल से लाए जा रहे कटरुआ की बिक्री का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। बरसात शुरू होते ही मंडी में कटरुआ की भरमार है और इसे खरीदने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंडी में कई आढ़ती और दर्जनों फुटकर विक्रेता खुलेआम इस वन उत्पाद का कारोबार कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इससे अवैध कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
सूत्रों के अनुसार कटरुआ के कारोबार में कुछ आढ़तियों और फुटकर विक्रेताओं की सक्रिय भूमिका बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह धंधा लंबे समय से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
इस संबंध में जब गोला वन रेंज के अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना था कि फिलहाल वनकर्मी वृक्षारोपण अभियान में व्यस्त हैं। अभियान पूरा होते ही विशेष अभियान चलाकर कटरुआ की अवैध बिक्री पर रोक लगाई जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उधर, नगर के वन प्रेमियो ने वन विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही अवैध बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई तो सदर चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उनका कहना है कि जंगलों की जैव विविधता और वन संपदा की रक्षा करना वन विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन खुलेआम हो रहे इस कारोबार पर चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब सब्जी मंडी में खुलेआम वन उत्पाद बिक रहा है, तो आखिर वन विभाग की निगाह वहां तक क्यों नहीं पहुंच रही? क्या वृक्षारोपण की व्यस्तता अवैध कारोबार पर कार्रवाई न करने का पर्याप्त कारण हो सकती है, या फिर इसके पीछे कोई और वजह है?
