भीलवाड़ा । चेक अनादरण से जुड़े मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निस्तारण की दिशा में भीलवाड़ा जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार शनिवार को आयोजित विशेष लोक अदालत में एनआई एक्ट (धारा 138) के 215 प्रकरणों का आपसी राजीनामे के आधार पर अंतिम निस्तारण किया गया। इन मामलों में न्यायालयों द्वारा कुल ₹5,49,84,677 की अवार्ड राशि पारित की गई।यह विशेष लोक अदालत ऐसे समय आयोजित की गई, जब चेक बाउंस से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और न्यायालयों पर लंबित मामलों का दबाव भी बना हुआ है। ऐसे में समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान न केवल पक्षकारों के समय और धन की बचत करता है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था पर बोझ भी कम करता है।
13 विशेष बेंचों ने किया मामलों का निस्तारण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती रश्मि आर्य ने बताया कि यह विशेष लोक अदालत जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री अभय जैन के निर्देशन और मार्गदर्शन में आयोजित की गई। उनके सुझावों और निरंतर प्रोत्साहन से जिलेभर में कुल 13 विशेष लोक अदालत बेंचों का गठन किया गया। इन बेंचों में न्यायिक अधिकारियों और अनुभवी अधिवक्ताओं ने पक्षकारों को समझाइश देकर आपसी सहमति से विवादों का समाधान कराया । परिणामस्वरूप 215 मामलों का अंतिम निस्तारण संभव हो सका।
₹5.49 करोड़ से अधिक की अवार्ड राशि पारित
लोक अदालत में निस्तारित मामलों में कुल ₹5 करोड़ 49 लाख 84 हजार 677 की अवार्ड राशि पारित की गई। यह राशि संबंधित पक्षकारों के बीच हुए समझौते के आधार पर निर्धारित की गई, जिससे लंबी न्यायिक प्रक्रिया से बचते हुए विवादों का स्थायी समाधान सुनिश्चित हुआ।कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के समझौते दोनों पक्षों के लिए लाभकारी होते हैं क्योंकि इनमें समय, खर्च और अनिश्चितता तीनों में कमी आती है।
