अदालत में केस, सड़क पर परिवार! भीलवाड़ा के बहुचर्चित मामले में नया मोड़, बेघर हुआ आरोपी पक्ष का परिवार,एसपी से लगाई न्याय की गुहार

पुनित चपलोत

भीलवाड़ा के ओडो का खेड़ा में हुए बहुचर्चित हत्या मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद आरोपी पक्ष का परिवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होने का दावा कर रहा है। परिवार का आरोप है कि दो महिलाओं और आठ बच्चों सहित उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा, जिससे वे बेघर हो गए हैं। परिवार का कहना है कि विपक्षी पक्ष के लोग लगातार उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। इन धमकियों से परेशान होकर परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने अपने घर में सुरक्षित वापसी कराने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, परिवार ने आरोप लगाया कि राहुल ने उनकी केबिनों से सामान चोरी कर लिया है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने का दावा किया गया है।

परिजन भोंपू लाल ओड ने कहा कि यह भीलवाड़ा के ओडो का खेड़ा का मामला है। 4 मार्च को जो घटना हुई, वह पारिवारिक विवाद का मामला था। आपसी रंजिश के चलते झगड़ा हुआ और सामने वाले पक्ष के पेमालाल ओड ने पूरे परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर हत्या का मामला दर्ज करा दिया। इस मामले में परिवार के सात पुरुष और दो महिलाएं जेल में बंद हैं, जबकि आठ बच्चे और दो महिलाएं बाहर हैं। पिछले साढ़े चार महीने से वे इधर-उधर भटक रहे हैं। 4 मार्च को कोतवाली थाना पुलिस उन्हें मेरे पास छोड़कर गई थी, तब से मैंने उन्हें अपने पास रखा है। इसके बाद राहुल ओड ने मुझे फोन कर धमकी दी कि इन्हें यहां से निकाल दो, नहीं तो तुम्हारी भी खैर नहीं होगी। परिवार के पास न रहने के लिए घर है, न खाने-पीने का सामान और न ही पहनने-ओढ़ने के कपड़े व बिस्तर हैं। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है और पता नहीं यह कब तक चलेगा।

वहीं दूसरी तरफ पीड़िता अंशी ने कहा कि राहुल ओड उन्हें उनके घर में घुसने नहीं दे रहा है। उसका आरोप है कि राहुल ने उनकी केबिनों में रखा सारा सामान चोरी कर बेच दिया और लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहा है। इन धमकियों के कारण वे बेघर हो गए हैं। उनके पास न घर है और न ही रहने का कोई ठिकाना। उन्होंने बताया कि वे रिश्तेदारों के यहां भी रहने जाते हैं तो राहुल उन्हें भी जान से मारने की धमकी देता है। इसी कारण वे आज एसपी कार्यालय पहुंचे हैं, ताकि उन्हें अपने घर में सुरक्षित वापसी मिल सके और न्याय प्राप्त हो।