जिम्मेदारी:जनसहयोग से बनी सड़क,श्रमदान से मिली राहत
मंगरोप@मुकेश खटीक।पंचायत समिति सुवाणा की पातलियास ग्राम पंचायत में सामाजिक सरोकार और जनसहयोग की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है।गांव के भग्गा का खेड़ा रोड स्थित गाडरी मोहल्ले में पिछले चार वर्षों से कीचड़ और गहरे गड्ढों के कारण लोगों का आवागमन बेहद कठिन हो गया था।कई बार राहगीर और मवेशी इन गड्ढों में गिरकर घायल हुए, लेकिन जिम्मेदार विभाग और पंचायत प्रशासन की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।आखिरकार गांव के भामाशाह और युवाओं ने स्वयं पहल करते हुए आर्थिक सहयोग जुटाया,श्रमदान किया और अपने निजी प्रयासों से सड़क की मरम्मत कर लोगों को बड़ी राहत दिलाई।ग्रामीण राजूलाल जाट ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले चम्बल विभाग ने पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए गांव की मुख्य सड़क को खोदा था।पाइपलाइन डालने के बाद गड्ढों को केवल मिट्टी से भर दिया गया। समय के साथ वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क धंसती चली गई और करीब दो फीट तक गहरे गड्ढे बन गए।बरसात के दिनों में सड़क कीचड़ से भर जाती थी, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था।आए दिन राहगीर फिसलकर गिरते थे और मवेशी भी गड्ढों में फंसकर चोटिल हो जाते थे।ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या को लेकर कई बार चम्बल विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया।पंचायत प्रशासन के समक्ष भी मामला रखा गया और ग्राम सेवा शिविरों में भी सड़क की मरम्मत की मांग की गई, लेकिन वर्षों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।समय बीतने के साथ सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गई और लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती गई।जब समस्या असहनीय हो गई,तब सूंडा का खेड़ा निवासी राजूलाल जाट ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए गांव के युवाओं और ग्रामीणों के साथ मिलकर समाधान का बीड़ा उठाया।सभी ने आर्थिक सहयोग राशि एकत्रित की,सीमेंट और कंक्रीट सामग्री मंगवाई तथा सामूहिक श्रमदान कर सड़क की मरम्मत शुरू की।ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से कुछ ही समय में सड़क को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया।इस जनसहयोग अभियान में भेरू जाट,गोपाल गाडरी,सांवर सालवी,गोपाल सालवी,शिवराज बेरवा,देवीलाल गाडरी,भगवान सुथार,शंकर जाट,सूरज गाडरी सहित कई ग्रामीणों ने श्रमदान कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।सभी के सामूहिक प्रयास से अब सड़क पूरी तरह सुगम हो चुकी है, जिससे गाडरी मोहल्ले के लोगों को वर्षों पुरानी समस्या से राहत मिल गई है।ग्रामीणों ने राजूलाल जाट और श्रमदान करने वाले सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समाज इसी तरह एकजुट होकर आगे आए तो कई छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान सरकारी मदद का इंतजार किए बिना भी किया जा सकता है।यह पहल केवल एक सड़क की मरम्मत तक सीमित नहीं रही,बल्कि गांव में सामाजिक एकता,जनसहयोग और सेवा भावना का ऐसा उदाहरण बन गई है,जिसने पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की है।
