पीथास में श्मशान घाट की समस्याओं को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त, अंतिम संस्कार तक को तरस रहे लोग

भीलवाड़ा/जिले के मांडल तहसील के पीथास ग्राम में शमशान घाट की अभी तक कोई स्थाई व्यवस्था नहीं होने से ग्रामवासियों में रोष व्याप्त है l बरसात के कारण बुधवार को एक शव के अंतिम संस्कार के लिए भी चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा l ग्राम पंचायत प्रशासक छोटू सिंह चुंडावत ने येन केन अपनी निजी राशि से श्मशान घाट पर टीन शेड की व्यवस्था करवाई उसके बाद अंतिम संस्कार हुआ l ग्रामवासियों ने बताया कि ग्राम में नदी किनारे बना एकमात्र श्मशान घाट मेजा बांध भरने के बाद पूरी तरह जलमग्न हो जाता है जिससे काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है l मजबूरी में परिजनों को अस्थाई इंतजामों के सहारे दाह संस्कार करना पड़ता है जो मानव गरिमा के साथ खुला खिलवाड़ है l वही ग्राम में वैकल्पिक रूप से बनाया गया श्मशान घाट भी बदहाली का शिकार है l ना वहां टीन शेड है, ना चारदीवारी चारों तरफ चारदीवारी के अभाव में गंदगी का अंबार लगा रहता है। जिससे दुर्गंध फैली रहती है इस कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती हैं l टीन शेड के अभाव में लोगों को बरसात के समय दाह संस्कार करने में काफी असुविधाएं उठानी पड़ती है l ग्राम पंचायत प्रशासक छोटू सिंह चुंडावत ने बताया कि श्मशान घाट की अभी जहाँ वैकल्पिक रूप से जो व्यवस्था कर रखी है वह भूमि पेटा काश्त में होने के कारण नियमानुसार पक्का निर्माण नहीं करवा सकते हैं। श्मशान घाट की स्थाई व्यवस्था हेतु भूमि आवंटन के लिए प्रक्रिया जारी हैं l ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का अतिशीघ्र स्थाई समाधान कराने की मांग की है l