रजिस्ट्री सहित राजस्व कार्य ठप, 18 किमी दूर लगाने पड़ रहे चक्कर; नई तबादला सूची में भी नहीं मिली नियुक्ति, ग्रामीणों में नाराजगी
अलकेश पारीक
स्मार्ट हलचल|खजूरी एक समय था जब खजूरी को उप तहसील का दर्जा मिलने पर क्षेत्र के लोगों ने इसे बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि माना था। लोगों को उम्मीद थी कि अब जमीन की रजिस्ट्री और अन्य राजस्व कार्यों के लिए 18 किलोमीटर दूर जहाजपुर नहीं जाना पड़ेगा। बाद में जब खजूरी को पंचायत समिति का दर्जा मिला तो विकास की उम्मीदें और बढ़ गईं। लेकिन आज स्थिति ऐसी है कि उप तहसील होने के बावजूद लोग फिर उसी पुराने दौर में लौट आए हैं।
खजूरी उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार के प्रमोशन के बाद उनका पद रिक्त हो गया। हाल ही में जारी तबादला सूची में भी यहां किसी नए नायब तहसीलदार की नियुक्ति नहीं की गई। नतीजतन रजिस्ट्री सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य फिर से जहाजपुर में होने लगे हैं।
खजूरी उप तहसील के अधीन करीब 102 गांव आते हैं। इन गांवों के किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों को अब हर जरूरी राजस्व कार्य के लिए फिर से लगभग 18 किलोमीटर दूर जहाजपुर जाना पड़ रहा है। इससे लोगों का समय, पैसा और श्रम तीनों बढ़ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने उप तहसील और पंचायत समिति तो बना दी, लेकिन आवश्यक अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने से सुविधाएं कागजों तक सिमटकर रह गई हैं। लोगों का सवाल है कि जब उप तहसील में नायब तहसीलदार ही नहीं होगा तो उप तहसील का लाभ आखिर कैसे मिलेगा?
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि खजूरी उप तहसील में तत्काल नए नायब तहसीलदार की नियुक्ति की जाए, ताकि रजिस्ट्री एवं अन्य राजस्व सेवाएं फिर से स्थानीय स्तर पर शुरू हो सकें और 102 गांवों के लोगों को राहत मिल सके
