त्योहारों से पहले शाहपुरा पुलिस का सख्त संदेश

सीएलजी बैठक में नशा तस्करों, अपराधियों और पुलिस की मुखबिरी करने वालों पर कड़ा एक्शन, गश्त बढ़ाने का फैसला
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल|आगामी त्योहारों के शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर शाहपुरा पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, नशाखोरी और अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने तथा पुलिस-जनसहयोग को नई मजबूती देने के उद्देश्य से गुरुवार शाम पुलिस थाना परिसर में सीएलजी (कम्युनिटी लायजन ग्रुप) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजूम कायल की मौजूदगी में क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि त्योहारों के दौरान किसी भी असामाजिक तत्व, नशा तस्कर, अवैध कारोबार संचालक अथवा कानून हाथ में लेने वालों के लिए शाहपुरा में कोई जगह नहीं होगी।
बैठक में पुलिस उपाधीक्षक ओपी विश्नोई, थाना प्रभारी सीआई लीलाधर मालवीय, सब इंस्पेक्टर बालकिशन शर्मा सहित सीएलजी सदस्य, पुलिस मित्र, ग्राम रक्षक, युवा सीएलजी सदस्य, जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य केवल औपचारिक चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस और समाज के बीच विश्वास को और मजबूत करने, अपराध रोकथाम की नई रणनीति तैयार करने तथा नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष फोकस किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजूम कायल ने साफ शब्दों में कहा कि शाहपुरा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश या अपराधी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि, नशा तस्करी, अवैध कारोबार, असामाजिक तत्वों की गतिविधियां अथवा किसी भी प्रकार का अपराध दिखाई दे तो बिना किसी झिझक के तत्काल पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, जिससे लोग निर्भीक होकर पुलिस का सहयोग कर सकें।
एएसपी कायल ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में नशाखोरी और नशे के अवैध कारोबार पर अब और अधिक सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दलदल से बचाना समाज और पुलिस दोनों की साझा जिम्मेदारी है। यदि समाज समय रहते आगे आए तो नशा माफियाओं की कमर आसानी से तोड़ी जा सकती है।
बैठक में सबसे अहम निर्णय पुलिस गश्त को लेकर लिया गया। त्योहारों के दौरान संवेदनशील इलाकों में नियमित वाहन गश्त के साथ-साथ पैदल मार्च भी किया जाएगा, ताकि आमजन में सुरक्षा का विश्वास बढ़े और अपराधियों में पुलिस का खौफ बना रहे। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी। पुलिस बाजारों, प्रमुख चैराहों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखेगी। साथ ही यातायात व्यवस्था को भी पूरी तरह सुचारू रखने की कार्ययोजना तैयार की गई, जिससे त्योहारों के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।
बैठक के दौरान एएसपी कायल ने एक और गंभीर मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई और वाहनों की लोकेशन अपराधियों तक पहुंचाने वाले मुखबिरों को भी किसी प्रकार की राहत नहीं मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की गतिविधियों की मुखबिरी कर अवैध कारोबार संचालित करने वालों के खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब ऐसे नेटवर्क पर भी पैनी नजर रखे हुए है, जो अपराधियों को पुलिस की गतिविधियों की जानकारी पहुंचाकर कानून व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं।
बैठक में साइबर अपराधों के लगातार बढ़ते मामलों को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। एएसपी ने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध कॉल, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों से पूरी सतर्कता बरतें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस से संपर्क करें ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
अपराधों की रोकथाम में आमजन की भागीदारी को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए एएसपी कायल ने कहा कि पुलिस अकेले अपराध समाप्त नहीं कर सकती। जब तक समाज का हर जागरूक नागरिक पुलिस का सहयोग नहीं करेगा, तब तक अपराधों पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखे और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दे। इससे अपराध होने से पहले ही उसे रोका जा सकता है।
थाना प्रभारी सीआई लीलाधर मालवीय ने भी उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि शाहपुरा की शांति, सुरक्षा और भाईचारा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी सीएलजी सदस्यों, पुलिस मित्रों और नागरिकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहें तथा छोटी से छोटी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी भी तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच जितना बेहतर समन्वय होगा, अपराधियों पर उतना ही प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
बैठक में आगामी त्योहारों के दौरान धार्मिक आयोजनों, जुलूसों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के शांतिपूर्ण संचालन को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। आपसी समन्वय, सामाजिक सौहार्द, भाईचारा और जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। उपस्थित सभी सीएलजी सदस्यों, पुलिस मित्रों और गणमान्य नागरिकों ने पुलिस प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।
बैठक के दौरान सीएलजी सदस्यों ने शहर की विभिन्न समस्याओं और अन्य विभागों से जुड़ी कई शिकायतें भी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखीं। एएसपी अंजूम कायल ने इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन और पुलिस मिलकर कार्य करेंगे ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।