खाकी पर दाग:निलंबित सिपाही निकला अपहरण का आरोपी

गोरखपुर। सराफा कारोबारी के बेटे वैभव के अपहरण के बाद हत्या की घटना के दो दिन बाद ही मंगलवार देर रात 10 वर्षीय किशोरी के अपहरण की सूचना से हड़कंप मचा गया है। लगातार अपहरण की घटना से लोगों में आक्रोश है। किशोरी के अपहरण का आरोपी डायल-112 का निलंबित सिपाही अभिषेक यादव हिरासत में है।
निलंबित सिपाही अभिषेक यादव पहले भी गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार किया जा चुका है। फरवरी 2025 में उसने खाकी की हनक दिखाकर एक दंपती को निशाना बनाया था। घटना तीन फरवरी 2025 की रात गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-9 की है। आरोपी ने युवक पर मोबाइल चोरी का झूठा आरोप लगाकर उसे गोरखनाथ थाने के गेट पर उतार दिया, जबकि महिला को महिला थाने ले जाने का झांसा देकर स्पोर्ट्स कॉलेज के पास ले गया। वहां उसने लूटपाट, मारपीट और छेड़छाड़ का प्रयास किया था।

पुलिस की तैयारी एक सप्ताह के भीतर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करने की है। इसके अलावा पुलिस जांच के क्रम में आरोपित के पिता हरिनरायण शर्मा, भाई सतीश, भाई की पत्नी बबली, पत्नी अनामिका, दोनों बच्चों तथा सरया गांव निवासी संदीप से पूछताछ कर रही है।

संदीप के पिता नारायण करीब 12 वर्ष पहले खजनी थाने में रसोइए के रूप में कार्यरत थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात की योजना बनाने, हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने या किसी प्रकार की सहायता पहुंचाने में परिवार अथवा अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका रही या नहीं। विवेचना के दौरान पुलिस आरोपित की नकहा रोड, बरगदवा स्थित संपत्ति से जुड़े कानूनी पहलुओं का भी परीक्षण कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विवेचना को जल्द पूरा कर न्यायालय में मजबूत चार्जशीट दाखिल किया जाएगा।

एसपी दक्षिणी ने बताया कि विवेचना में सामने आने वाले हर तथ्यों की जांच चल रही है। जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं तो उसके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

खाकी पर दाग
3 फरवरी 2025: गोरखपुर रेलवे स्टेशन से एक दंपती को अगवा कर लूटपाट और अभद्रता करने के मामले में पुलिस लाइन में तैनात सिपाही अभिषेक यादव को आरोपी बनाया गया था, जिसे तुरंत निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया गया था। कब की घटना है

09 अगस्त 2025 : नौसड़ चौकी इंचार्ज शुभम श्रीवास्तव पर राजस्थान से आए एक व्यापारी से अपहरण और 90 हजार रुपये की लूटपाट का गंभीर आरोप लगा था।
06 फरवरी 2024 : खोराबार थाने के रामनगर कडज़हां के पूर्व चौकी प्रभारी समेत चार पर भ्रष्टाचार केस दर्ज हुआ।युवक से 10 हजार रुपये मांग रहे थे।
17 जनवरी 2024: पीपीगंज थाने में तैनात दारोगा अमित कुमार सिंह और सिपाही अमित यादव को एसएसपी ने निलंबित किया।आरोप था की तस्कर को छोड़ने के लिए रुपये लिए थे।
22 नवंबर 2024 : पिपराइच थाने में तैनात प्रशिक्षु महिला दारोगा अंकिता पांडेय 10 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार
01 अप्रैल 2024 : बेनीगंज चौकी प्रभारी आलोक सिंह ने व्यापारी के 50 लाख रुपये हड़पे। पुलिस ने साथी संग गिरफ्तार कर जेल भेजा।
11 अक्तूबर,2023 : शाहपुर पुलिस ने सम्मन सेल में तैनात दारोगा रविंद्र शुक्ल व उसके साथी कुलवीर को 33 किलो गांजा के साथ पकड़ा।
27 सितंबर, 2021 : रामगढ़ताल क्षेत्र में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की पुलिसकर्मियों की पिटाई से मृत्यु हुई। थानेदार समेत छह पुलिसकर्मी जेल गए।
21 जनवरी, 2021 : महराजगंज के रहने वाले स्वर्ण व्यापारी का अपहरण कर 30 लाख रुपये का सोना लूटा गया। बस्ती जिले में तैनात दारोगा धर्मेंद्र यादव, सिपाही महेंद्र यादव व संतोष यादव को गिरफ्तार कर कैंट पुलिस ने जेल भेजा।

वैभव हत्याकांड में मृतक के परिजनों की मुख्यमंत्री से प्रस्तावित मुलाकात बुधवार को नहीं हो सकी। मंगलवार शाम महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव ने परिवार से मुलाकात कर मुख्यमंत्री से भेंट कराने का आश्वासन दिया था। इसके बाद वैभव के बड़े पिता भृगुनाथ वर्मा, पिता हनुमान प्रसाद, बाबा लक्ष्मी नारायण वर्मा तथा दोनों बुआ राधिका और सुनीता वर्मा मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे, लेकिन गुरु पूर्णिमा के कार्यक्रमों में व्यस्तता के कारण मुलाकात नहीं हो सकी।

बड़े पिता भृगुनाथ वर्मा ने बताया कि तीन दिन बाद दोबारा मिलने के लिए बुलाया गया है। मुख्यमंत्री से मिलकर वे मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच, आरोपित के पूरे परिवार की भूमिका की जांच, आरोपित के मकान पर विधिक कार्रवाई तथा दोषी को फांसी की सजा दिलाने की मांग रखेंगे। उनका कहना है कि जब तक मामले की हर कड़ी सामने नहीं आती, तब तक उन्हें न्याय मिलने का भरोसा नहीं होगा।