नई दाल मिल लगाने पर सरकार देगी 25 लाख रुपये तक का अनुदान

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर होंगे सृजित, 10 अगस्त तक किए जा सकेंगे आवेदन

बूंदी- स्मार्ट हलचल|केंद्र सरकार के ‘दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन’ को गति देने और किसानों को सशक्त बनाने के लिए राजस्थान में नई दाल मिलें (दलहन प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाई) स्थापित की जाएंगी। राज्य में दलहन उत्पादन के साथ-साथ इसके प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा आकर्षक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के तहत नई इकाई लगाने पर परियोजना लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 25 लाख रुपये तक की अनुदान सहायता दी जाएगी।

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में दलहन प्रसंस्करण अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से इस योजना का संचालन किया जा रहा है। इस पहल से न केवल किसानों को उनकी उपज का बेहतर व लाभकारी मूल्य मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

उन्‍होंने बताया कि न्यूनतम 300 किलोग्राम प्रति घंटा क्षमता वाली दलहन प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाई की स्थापना करने पर यह लाभ मिलेगा। इसमें मशीनरी, उपकरण, भवन, गोदाम, भंडारण तथा अन्य आवश्यक अवसंरचना के निर्माण पर होने वाले व्यय के लिए 33 प्रतिशत (अधिकतम 25 लाख रुपये) का अनुदान दिया जाएगा। उन्‍होंने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए अंतिम तिथि 10 अगस्त निर्धारित की गई है। इच्छुक एवं पात्र आवेदक तय समय सीमा के भीतर अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

उन्‍होंने बताया कि योजना में कृषक उत्पादक संगठन, क्लस्टर लेवल फेडरेशन, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां, व्यक्तिगत लाभार्थी तथा किसी भी अधिनियम के तहत पंजीकृत कोई अन्य उपक्रम पात्र होंगे। उन्‍होंने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए कृषक उत्पादक संगठन, क्लस्टर लेवल फेडरेशन और प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां कम से कम 2 वर्ष पूर्व से पंजीकृत और वर्तमान में क्रियाशील होनी चाहिए। व्यक्तिगत आवेदक में आवेदक की उम्र 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। साथ ही, एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति वित्तीय सहायता का लाभ लेने के लिए योग्य माना जाएगा। संस्था या व्यक्तिगत आवेदक के पास प्रोजेक्ट लागत का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा और वर्किंग कैपिटल के लिए मार्जिन मनी पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन होने अनिवार्य हैं।