दिलखुश मोटीस
सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल|संपूर्ण राजस्थान में ग्राम पंचायतों में कार्यरत ई-मित्र प्लस ऑपरेटर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला स्तर पर ज्ञापन सौंप रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को सावर उपखंड क्षेत्र के ई-मित्र संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर अजमेर सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
ई-मित्र संघ के प्रतिनिधि द्वारका प्रसाद चंदेल (गुलगांव) ने बताया कि राज्य की ग्राम पंचायतों में ई-मित्र प्लस ऑपरेटर पिछले लगभग 10 वर्षों से बिना किसी मानदेय के सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न शिविरों में भी ऑपरेटरों से निशुल्क कार्य कराया जाता है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि ई-मित्र संचालक राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसके बावजूद उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से ई-मित्र संचालकों ने मांग की कि ई-मित्र प्लस ऑपरेटरों को संविदा नियमों के तहत शामिल किया जाए, नियमित मानदेय दिया जाए, सेवा शुल्क (कमिशन) में वृद्धि की जाए, माइग्रेशन की स्वतंत्रता प्रदान की जाए तथा माइग्रेशन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
संचालकों ने चेतावनी दी कि यदि 15 अगस्त तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
इस दौरान द्वारका प्रसाद चंदेल, अशोक मीणा, हरिहर पारीक, भागचंद कहार, शिवराज कुमावत, अंबालाल मीणा, भैरूलाल गुर्जर, रामदयाल जांगिड़ सहित जिले के अनेक ई-मित्र संचालक उपस्थित रहे।
