बदहाल आंगनबाड़ी:परिसर में जलभराव,कचरे के ढेर और सूअरों का डेरा,नौनिहालों की सेहत व भविष्य पर मंडरा रहा खतरा

मंगरोप@मुकेश खटीक।प्रारंभिक शिक्षा को किसी भी बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव माना जाता है,लेकिन मंगरोप कस्बे के हमीरगढ़ रोड पर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।जिस स्थान पर छोटे बच्चों को स्वच्छ,सुरक्षित और सकारात्मक माहौल मिलना चाहिए,वहां गंदगी,जलभराव और आवारा सूअरों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है।आंगनबाड़ी केंद्र के परिसर में जगह-जगह पानी भरा हुआ है।पूरे परिसर में कचरे के ढेर लगे हैं और आवारा सूअर बेरोकटोक घूमते नजर आते हैं।ऐसे हालात न केवल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं,बल्कि संक्रमण और मौसमी बीमारियों का जोखिम भी लगातार बढ़ा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र में नियमित साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में यह स्थिति बनी हुई है।छोटे-छोटे मासूम बच्चों को इसी गंदगी के बीच बैठकर पढ़ाई और अन्य गतिविधियां करनी पड़ती हैं,जिससे अभिभावकों में भी चिंता बढ़ रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रारंभिक शिक्षा के केंद्र ही बदहाली का शिकार होंगे,तो बच्चों को स्वच्छता,अनुशासन और सकारात्मक वातावरण का संदेश कैसे मिलेगा?जिस उम्र में बच्चों के व्यक्तित्व और संस्कारों की नींव रखी जाती है,उसी उम्र में यदि उन्हें गंदगी और अव्यवस्था का माहौल मिलेगा तो इसका असर उनके मानसिक और शारीरिक विकास पर भी पड़ सकता है।
अब सवाल जिम्मेदार अधिकारियों से है कि आखिर आंगनबाड़ी केंद्र की नियमित सफाई,जलनिकासी और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कौन करेगा?क्या मासूम बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना केवल कागजों तक ही सीमित रहेगा,या फिर जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करेगा?