स्मार्ट हलचल में खबर प्रकाशित होने के बाद खजूरी ग्राम पंचायत की पहल पर स्टेट हाईवे-134 पर बने गड्ढों में जेसीबी की सहायता से ग्रेवल भरवाया गया, जिससे राहगीरों को अस्थायी राहत मिली

खबर का असर: संबंधित विभाग की चुप्पी के बीच खजूरी ग्राम पंचायत ने दिखाई पहल, ग्रेवल डलवाकर राहगीरों को दी तत्काल राहत

खजूरी (स्मार्ट हलचल/अलकेश पारीक)

जहाजपुर से त्रिवेणी धाम को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे-134 पर खजूरी ग्राम पंचायत के बाहर बने जानलेवा गड्ढों की समस्या को ‘स्मार्ट हलचल’ द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद आखिरकार समाधान की दिशा में पहल शुरू हो गई है। हालांकि सड़क की जिम्मेदारी संभालने वाले संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, लेकिन खजूरी ग्राम पंचायत ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए स्वयं आगे बढ़कर गड्ढों में ग्रेवल डलवाने का कार्य शुरू करवाया।

जेसीबी और मजदूरों की मदद से भरे गए गड्ढे

ग्राम पंचायत की ओर से जेसीबी मशीन और मजदूरों की मदद से सड़क पर बने विशाल गड्ढों को ग्रेवल से भरवाया गया, जिससे फिलहाल वाहन चालकों और आम राहगीरों को हादसों से राहत मिली है। गौरतलब है कि बरसात के कारण इन गड्ढों में पानी भर जाता था, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए हर पल दुर्घटना का अंदेशा बना रहता था।

🛑 ‘विभाग रहा पीछे, पंचायत ने निभाया जनधर्म’

स्थानीय ग्रामीणों ने ‘स्मार्ट हलचल’ की निष्पक्ष पत्रकारिता और पंचायत की इस त्वरित पहल की सराहना की है। ग्रामीणों ने कहा कि जब संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट गया, तब पंचायत ने जनहित को देखते हुए राहत कार्य कराया। हालांकि, लोगों का साफ कहना है कि यह केवल एक अस्थायी व्यवस्था है और सड़क का स्थायी डामरीकरण विभाग को ही कराना होगा।

प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसी से स्थायी मरम्मत की मांग

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित सड़क निर्माण एजेंसी से पुरजोर मांग की है कि खजूरी ग्राम पंचायत द्वारा किए गए इस अस्थायी पैचवर्क के बाद अब स्टेट हाईवे-134 की गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी मरम्मत जल्द से जल्द कराई जाए, ताकि आने वाले दिनों में बारिश होने पर दोबारा वही जानलेवा स्थिति न बने।

📷 फोटो कैप्शन: स्मार्ट हलचल में खबर प्रकाशित होने के बाद खजूरी ग्राम पंचायत की पहल पर स्टेट हाईवे-134 पर बने गड्ढों में जेसीबी की सहायता से ग्रेवल भरवाया गया, जिससे राहगीरों को अस्थायी राहत मिली।