सड़कें सिर्फ बनें नहीं, गुणवत्ता भी दिखे; बारिश में रास्ता बाधित हो तो तत्काल मरम्मत और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था के निर्देश
अजय सिंह (चिंटू)
जयपुर -स्मार्ट हलचल|उपमुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दिया कुमारी ने राज्य सरकार की बजट घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए और योजनाओं का लाभ आमजन तक तय समय में पहुंचना चाहिए।
दिया कुमारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे हर माह कम से कम चार बार फील्ड विजिट कर सड़कों और निर्माण कार्यों का मौके पर निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में बैठकर सड़क की वास्तविक स्थिति का सही आकलन संभव नहीं है। मौके पर जाकर निरीक्षण करने से निर्माण की गुणवत्ता, रखरखाव और आमजन की समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी तथा कमियों का समय पर समाधान भी किया जा सकेगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क और अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। अधिकारियों को अपने क्षेत्र में नियमित निगरानी रखते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप हों और लोगों को बार-बार शिकायत करने की जरूरत न पड़े। उन्होंने विकास कार्यों की गति बढ़ाने के साथ-साथ जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया।
बारिश के मौसम को देखते हुए उन्होंने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव, कटाव या अन्य कारणों से यदि कोई मार्ग बाधित होता है तो तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करवाया जाए और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन और वाहनों के आवागमन में परेशानी नहीं हो।
बैठक में विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति की बिन्दुवार समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए तथा सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी हों। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास कार्यों को स्वीकृति देना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कर आमजन को समय पर सुविधा उपलब्ध कराना है।
समीक्षा बैठक में एनएच, एनएचएआई, सीआरआईएफ, आरएसआरडीसी, एक्सप्रेस-वे, पीएमजीएसवाई और अटल पथ सहित विभिन्न सड़क एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने परियोजनाओं की प्रगति, कार्यों में आ रही बाधाओं और उनके समाधान की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, शासन सचिव डी.आर. मेघवाल, आरएसआरडीसी के प्रबंध निदेशक सुनील जय सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, मौके पर निरीक्षण और समय पर कार्रवाई से ही सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि काम में तेजी के साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखें, ताकि सड़क एवं आधारभूत सुविधाओं को लेकर आमजन को किसी प्रकार की परेशानी या शिकायत का सामना नहीं करना पड़े।
यह संस्करण अखबार के लिए मीडियम लंबाई में रखा गया है और मुख्य जोर “काम जल्दी हो, गुणवत्ता बनी रहे और शिकायत की गुंजाइश न रहे” पर है।
