————ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना———
_सत्र 2026-27 में उदयपुर के 16,151 विद्यार्थियों को मिलेगा ‘ट्रांसपोर्ट वाउचर’ का संबल,₹261.74 लाख का बजट स्वीकृत_
उदयपुर,01 अगस्त
स्मार्ट हलचल|मुख्यमंत्री के ‘शिक्षित राजस्थान, सशक्त राजस्थान’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार ने ‘ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना (सत्र 2026-27)’ के तहत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं । यह योजना सुदूर ग्रामीण अंचलों, ढाणियों और कम आबादी वाले क्षेत्रों के गरीब व जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है।
समग्र शिक्षा, उदयपुर के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (एडीपीसी) कुंज बिहारी भारद्वाज के अनुसार,उदयपुर जिले में इस योजना के सफल और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय और भौतिक लक्ष्य आवंटित किए गए हैं।
योजना के तहत इस सत्र में उदयपुर जिले के समस्त राजकीय विद्यालयों सहित स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को लाभांवित करने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें कक्षा 1 से 8 तक जिले के कुल 14,528 छात्र-छात्राओं को लाभांवित किया जाएगा। इसके लिए ₹217.92 लाख का बजट आवंटित हुआ है इसी तरह कक्षा 9 व 10 तक ग्रामीण क्षेत्र की कुल 1,623 छात्राओं को इस योजना के दायरे में लाया गया है, जिसके लिए ₹43.82 लाख का बजट प्रावधान रखा गया है।
इस प्रकार जिले के 16,151 पात्र विद्यार्थियों को कुल ₹261.74 लाख की सहायता राशि सीधे डीबीटी पके माध्यम से प्रदान की जाएगी।
योजना के तहत विद्यार्थियों को विद्यालय में उनकी वास्तविक दैनिक उपस्थिति और निवास स्थान से स्कूल की दूरी के आधार पर भुगतान किया जाएगा जिसके तहत कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थियों को उनके निवास से विद्यालय की दूरी 1 किमी से अधिक होने पर ₹10 प्रति उपस्थिति दिवस की दर से अधिकतम 1500 रूपये वार्षिक और कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों को उनके निवास से विद्यालय की दूरी 3 किमी से अधिक होने पर ₹15 प्रति उपस्थिति दिवस की दर से अधिकतम 1,500 रूपये वार्षिक तथा कक्षा 9 व 10 की छात्राओं को जिनके निवास से विद्यालय की दूरी 5 किमी से अधिक होने पर ₹20 प्रति उपस्थिति दिवस अधिकतम 2,700 रुपए वार्षिक आधार पर देय होंगे।जो छात्राएं कक्षा 9 में निःशुल्क साइकिल योजना का लाभ उठा चुकी हैं, उन्हें इस योजना का लाभ देय नहीं होगा । कक्षा 11 और 12 की छात्राएं भी इस योजना के दायरे में शामिल नहीं हैं
राज्य सरकार की ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति के तहत प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है शिविरा पंचांग के अनुसार पात्र विद्यार्थियों की उपस्थिति की गणना शाला दर्पण पोर्टल से ऑटो-कैलकुलेट होगी।यह राशि जन-आधार से लिंक विद्यार्थी के स्वयं के बैंक खाते या उनके माता-पिता अथवा अभिभावक के खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी
एडीपीसी भारद्वाज ने बताया कि योजना की निरंतर मॉनीटरिंग के लिए जिला स्तर से लेकर ब्लॉक व पीईईओ स्तर तक कड़े निर्देश दिए गए हैं साथ ही सभी संस्था प्रधानों को पाबंद किया गया है कि वे निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का प्रामाणिक विवरण प्राप्त कर, उसे शाला दर्पण पोर्टल पर तुरंत दर्ज कर लॉक करना सुनिश्चित करें, ताकि राशि की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होने पर राशि जारी की जा सके।
