25 हजार रुपए का नकद सम्मान व प्रशस्ति पत्र
एक वर्ष में अधिकतम पांच बार मिल सकता है नकद पुरस्कार
भीलवाड़ा, 03 अगस्त। स्मार्ट हलचल|सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल लोगों को गोल्डन ऑवर (दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा) के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने वाले मददगार नागरिकों को अब सरकार सम्मानित करेगी। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ‘राह-वीर योजना’ के तहत ऐसे नागरिकों को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाना तथा आमजन को मानवता के नाते आगे आकर सहायता करने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान घायल को अस्पताल पहुंचाने पर उसके जीवन बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ उस व्यक्ति को मिलेगा, जिसने सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो। योजना के अंतर्गत ऐसे मामले शामिल हैं, जिनमें गंभीर चोट के कारण बड़ी सर्जरी की आवश्यकता हो, घायल को तीन दिन या उससे अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़े, मस्तिष्क अथवा रीढ़ की गंभीर चोट हो या उपचार के दौरान घायल की मृत्यु हो जाए।
*पुलिस एवं अस्पताल करेंगे पात्रता का सत्यापन*
सीएमएचओ ने बताया कि पुरस्कार के लिए पात्रता का सत्यापन संबंधित पुलिस एवं अस्पताल द्वारा किया जाता है। इसके उपरांत जिला स्तरीय मूल्यांकन समिति की अनुशंसा पर पीएफएमएस के माध्यम से पुरस्कार राशि सीधे पात्र व्यक्ति के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है। एक व्यक्ति को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम पांच बार इस सम्मान के लिए चयनित किया जा सकता है।
*आमजन डर नहीं, मानवता दिखाएं*
सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने कहा कि अक्सर लोग कानूनी कार्रवाई, पुलिस पूछताछ या न्यायालयी प्रक्रिया के डर से सड़क दुर्घटना के घायलों की सहायता करने से पीछे हट जाते हैं। कई लोगों को यह भी भ्रम रहता है कि अस्पताल में उन्हें अनावश्यक पूछताछ या जिम्मेदारी का सामना करना पड़ेगा। ‘राह-वीर योजना’ का उद्देश्य इसी मानसिकता को बदलना है। जो नागरिक केवल मानवता के नाते घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाएगा, उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, बल्कि सरकार उसकी इस संवेदनशील पहल का सम्मान करेगी।
सीएमएचओ ने आमजन से अपील की कि सड़क दुर्घटना होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल एम्बुलेंस एवं पुलिस को सूचना देने के साथ-साथ घायल को निकटतम अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। प्रत्येक नागरिक की समय पर की गई छोटी-सी मदद किसी व्यक्ति के लिए नया जीवन साबित हो सकती है।
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