पाइपलाइन बिछाकर मरम्मत करना भूला ठेकेदार; बारिश में गड्ढे-खाइयों में भरा पानी, वाहन चालकों से लेकर स्कूली बच्चों तक की बढ़ी परेशानी
अलकेश पारीक
जहाजपुर।स्मार्ट हलचल|शहर में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें अब आमजन के लिए परेशानी के साथ हादसों का खतरा बनती जा रही हैं। जलदाय विभाग के ठेकेदार ने कई गली-मोहल्लों में पाइपलाइन डालने के लिए सड़कें खोद दीं, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद उन्हें पूर्व स्थिति में दुरुस्त नहीं कराया। बारिश के दौर में यही अधूरी सड़कें कीचड़, गड्ढों और खाइयों में तब्दील हो गई हैं।
नगर के बुर्ज बाबा, बस स्टैंड, कीर मोहल्ला, कालू बाबा मंदिर सहित कई क्षेत्रों में हालात खराब हैं। पाइपलाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं होने से कई स्थानों पर बने गड्ढे और खाइयां बारिश के पानी से भर गई हैं। पानी भरा होने के कारण वाहन चालकों को इनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और दुर्घटना का शिकार होने का खतरा बना हुआ है।
स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की राह भी मुश्किल
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। कीचड़ और पानी से भरे रास्तों से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और पैदल राहगीरों को संभलकर गुजरना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क का हिस्सा इतना खराब हो चुका है कि वाहन निकालना भी मुश्किल हो रहा है। लोगों को आशंका है कि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो किसी दिन गंभीर हादसा हो सकता है।
पाइपलाइन बिछा दी, सड़क सुधारने की जिम्मेदारी किसकी?
नगरवासियों का आरोप है कि पाइपलाइन का काम पूरा करने के बाद सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल करने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। ठेकेदार की लापरवाही के साथ विभागीय निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब सड़क खोदकर छोड़ दी जाती है तो इसका खामियाजा आखिर आम जनता को क्यों भुगतना पड़े?
हादसे से पहले जागे विभाग, तत्काल हो मरम्मत
नगरवासियों ने जलदाय विभाग और प्रशासन से मांग की है कि जिन स्थानों पर पाइपलाइन का कार्य पूरा हो चुका है, वहां तत्काल सड़क की मरम्मत कराकर गड्ढों और खाइयों को दुरुस्त कराया जाए। साथ ही कार्य में लापरवाही सामने आने पर संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय की जाए, ताकि बरसात के दौरान किसी बड़े हादसे से पहले शहरवासियों को राहत मिल सके।
