बूंदी के विकास को मिलेगी नई रफ्तार आरयूआईडीपी के पांचवें चरण में विकास कार्यों पर खर्च होंगे 35.94 करोड़ रुपये

 

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच हुआ ‘आरयूआईडीपी संवाद’, विकास कार्यों पर मांगे गए सुझाव

बूंदी- स्मार्ट हलचल|शहर में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने के लिए बुधवार, 5 अगस्त को नगर परिषद भवन सभागार में “आरयूआईडीपी संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पांचवें चरण के तहत बूंदी शहर में कुल 35.94 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य करवाए जाएंगे। इस संबंध में शहर के जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ विस्तृत चर्चा कर उनसे फीडबैक और सुझाव लिए गए।

विकास कार्यों का इस प्रकार रहेगा बजट: कार्यक्रम में दी गई जानकारी के अनुसार, एशियन विकास बैंक (एडीबी) के वित्तपोषण से शहर में कई कार्य किए जाएंगे। इसके तहत अपशिष्ट जल प्रबंधन के लिए 14.86 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के 9.53 करोड़ रुपये के कार्य कराए जाएंगे। कमान्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर के निर्माण के साथ-साथ विरासत संरक्षण एवं पर्यटन संबंधी कार्यों के लिए 6.74 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित है। शहर में बाढ़ प्रबंधन कार्यों पर 4.81 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

कचरा निस्तारण और जल भराव की समस्या पर हुआ मंथन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अशोक डोगरा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के तहत डोर टू डोर कचरा संग्रहण और कचरे के निस्तारण की व्यवस्था में सुधार लाने पर जोर दिया। उन्होंने जल भराव क्षेत्रों के सुधार और अपशिष्ट जल प्रबंधन योजना को शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया और इसके लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि शहर की जनता और पार्षद इस विकास परियोजना में अपना पूरा सहयोग देंगे।

जिलाध्यक्ष रामेश्‍वर मीणा ने पांचवें चरण को बूंदी के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने नगर परिषद और शहरवासियों की तरफ से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि योजना की वास्तविक सफलता के लिए आरयूआईडीपी, नगर परिषद और अन्य सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर सामंजस्य होना बेहद जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि पूर्व के कार्यों और वर्तमान प्रगति को ध्यान में रखकर ही आगे की योजना बनाई जानी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान आरयूआईडीपी की अधिशाषी अभियंता श्रीमती दीप्ति पाटनी ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के जरिए परियोजना के पांचवें चरण की जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि सभी विकास कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ और निश्चित समयावधि के भीतर पूरा किया जाएगा। साथ ही, कार्यशाला में प्राप्त सभी उपयोगी सुझावों को भी परियोजना में शामिल करने की बात कही।

कार्यक्रम के दौरान एक डॉक्यूमेंट्री दिखाकर आरयूआईडीपी द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का प्रदर्शन भी किया गया। इसके बाद आयोजित खुले सत्र में प्रतिभागियों ने सीवर लाइन और अन्य कार्यों से जुड़ी अपनी शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी लक्ष्‍मीकांत मीणा, नगर परिषद की पूर्व सभापति सरोज अग्रवाल, नगर परिषद आयुक्‍त बृजेश राय, जनप्रतिनिधिगण, गणमान्‍य नागरिक, विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।